ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। लंबे इंतजार के बाद आज जेवर क्षेत्र एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है। नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर वह कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन करने के साथ ही विमानों की मरम्मत के लिए बनने वाले एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और संचालन) केंद्र का शिलान्यास भी करेंगे। प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और करीब दो लाख लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बुनियादी ढांचा और उड़ान सेवाएं
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया गया है, जिस पर लगभग 11200 करोड़ रुपये की लागत आई है। उद्घाटन के बाद यहां घरेलू और कार्गो सेवाओं के साथ संचालन की शुरुआत होगी, जबकि नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यात्रियों को कुछ समय इंतजार करना पड़ेगा। शुरुआती चरण में एयरपोर्ट से चंडीगढ़, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अहमदाबाद, जयपुर और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें उपलब्ध होंगी।
प्रतिदिन लगभग 65 उड़ानों का संचालन होगा, जबकि रनवे की क्षमता प्रति घंटे 30 उड़ानों की है। इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और आकासा एयरलाइंस जैसी कंपनियां यहां से सेवाएं देंगी। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। समारोह में आनंदीबेन पटेल, योगी आदित्यनाथ और राम मोहन नायडू समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।
जनता और वीवीआईपी के लिए विशेष व्यवस्थाएं
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जनसभा के लिए एयरपोर्ट परिसर में तीन बड़े पंडाल बनाए गए हैं। आम जनता का प्रवेश किशोरपुर गांव की ओर से होगा, जबकि वीवीआईपी मेहमान यमुना एक्सप्रेसवे के 32वें किलोमीटर पर बने इंटरचेंज से एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश करेंगे। करीब 20 हजार वाहनों की सुविधा के लिए 12 पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं।
वर्तमान में एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए टैक्सी या निजी वाहन मुख्य विकल्प हैं। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से आसानी से एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है। इंटरचेंज से एयरपोर्ट की दूरी मात्र 800 मीटर है और यह मार्ग एलिवेटेड होने के कारण बिना रुकावट यात्रा संभव है।
क्षेत्रीय आर्थिक विकास और भविष्य की संभावनाएं
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और हिंडन हवाई अड्डा पर दबाव कम होगा। साथ ही, यह क्षेत्र एक बड़े कार्गो हब के रूप में विकसित होगा, जिससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, बुलंदशहर, आगरा और आसपास के जिलों के उद्यमियों को अपने उत्पादों के निर्यात में बड़ी सुविधा मिलेगी। यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
