लक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड में कारखाना अधिनियम 1948 के तहत हेल्थ एंड सेफ्टी ट्रेनिंग सम्पन्न

Rashtriya Shikhar
2 Min Read
Health and Safety Training Conducted at Lux Industries Limited Under the Factories Act, 1948 IMAGE CREDIT TO Gurukul Foundation

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 111-ए के अनुपालन में लक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी में हेल्थ एंड सेफ्टी ट्रेनिंग का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों की जानकारी देना और कार्यस्थल पर संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों को अपनाना था।

डॉ. अभिषेक कंचन ने दी प्रभावी हेल्थ एंड सेफ्टी ट्रेनिंग

ALSO READ:https://www.livehindustan.com/ncr/ghaziabad/story-expansion-of-all-india-industry-trade-forum-in-ghaziabad-with-new-appointments-201757504954000.html

प्रशिक्षण सत्र का संचालन एसएमई गुरुकुल फाउंडेशन एनजीओ की ओर से डॉक्टर अभिषेक कंचन ने किया। उन्होंने कर्मचारियों को स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े बुनियादी सिद्धांतों के साथ-साथ व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए समझाया कि फैक्ट्री परिसर में मशीनों, बिजली, रसायनों और भारी उपकरणों के बीच किस प्रकार सावधानी बरतनी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को फर्स्ट एड किट के उपयोग, आपातकालीन स्थिति में तुरंत उठाए जाने वाले कदम और आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी प्रक्रिया का भी डेमो दिखाया गया।

कर्मचारियों ने सराहा हेल्थ एंड सेफ्टी ट्रेनिंग

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/flood-of-issues-raised-municipal-corporation/

प्रशिक्षण में मौजूद कई कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताया। एक कर्मचारी ने कहा कि “अक्सर हम काम में व्यस्त रहते हुए छोटी-छोटी सावधानियों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन आज की ट्रेनिंग ने हमें यह एहसास कराया कि सुरक्षा ही सबसे ज़रूरी है।” वहीं एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि इस प्रकार की ट्रेनिंग से आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्यस्थल का वातावरण अधिक सुरक्षित महसूस होता है।

कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 111-ए के तहत नियोक्ता का यह दायित्व है कि वह सभी कर्मचारियों को स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिलवाए। यह प्रशिक्षण केवल उन संस्थाओं से कराया जा सकता है जिन्हें मुख्य निरीक्षक कारखाना द्वारा मान्यता प्राप्त हो। इसके अतिरिक्त इस तरह की ट्रेनिंग का वार्षिक विवरण फैक्ट्री विभाग के कार्यालय में प्रत्येक वर्ष अनिवार्य रूप से जमा करना आवश्यक है। ऐसा न करने पर संबंधित कंपनी पर दंडात्मक कार्यवाही की भी व्यवस्था है।

Share This Article
Leave a comment