जेवर/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) वृंदावन के घनघोर वंशीवट भाण्डीर वन के तपस्वी साधु संतों ने जेवर नगर में अपने आध्यात्मिक आगमन से नगरवासियों के हृदयों को आनंद और श्रद्धा से भर दिया। दाऊजी मंदिर से प्रारंभ हुई यह पदयात्रा लगभग 120 साधु संतों की भव्य कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली श्रृंखला के रूप में नगर में प्रवेश की। मार्ग में मुख्य बाजार से होते हुए शिव मंदिर सराय नेमसिंह तक यह यात्रिक जुलूस चलता रहा, और प्रत्येक स्थान पर नगरवासी अपनी श्रद्धा और भक्ति भाव प्रकट करने के लिए फूलों की भारी वर्षा करते हुए संतों का स्वागत कर रहे थे।
साधु संतों के आगमन से नगर में छा गया आध्यात्मिक उत्साह, भक्तजन हुए भावविभोर
भक्तजन संतों की ओर झुके, अपने मन की शुद्ध भक्ति व्यक्त करते रहे, और हर कदम पर उनके चरणों को स्पर्श कर आनंदित होते नजर आए। नगर के लोग बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी ने मिलकर इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन में हिस्सा लिया। इस अवसर पर आयोजित संत सेवा कार्यक्रम के मुख्य संयोजक देवेंद्र शर्मा व्याप और पंडित अनिल शर्मा ने बताया कि साधु संतों के आगमन से नगरवासियों में आध्यात्मिक उत्साह की लहर दौड़ गई। भक्तजन अपने हृदय में गहरी श्रद्धा का अनुभव कर रहे थे और नगर के वातावरण में ऐसा दिव्य माहौल उत्पन्न हुआ जो शब्दों में बयान करना कठिन है।
पदयात्रा के दौरान साधु संतों ने मार्ग में उपस्थित लोगों को धर्म और सनातन परंपरा की शिक्षा देते हुए नगर में शांति और सद्भावना का संदेश भी फैलाया। नगरवासियों ने संतों की सेवा, उनका सम्मान और उनकी सहायता में कोई कसर नहीं छोड़ी। फूलों की बौछार, भजन कीर्तन और गहरी श्रद्धा ने पूरे जेवर नगर को आध्यात्मिक आलोक से परिपूर्ण कर दिया। इस भव्य आयोजन ने केवल भक्तों के हृदयों को आनंदित नहीं किया, बल्कि नगर में सनातन धर्म की चेतना, संयम, और धार्मिक अनुशासन का अद्भुत संदेश भी प्रस्तुत किया। जेवर के लोग इस अद्वितीय अनुभव को लंबे समय तक स्मृति में संजोकर रखेंगे और आने वाले समय में भी इसी प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों को उत्साहपूर्वक अपनाएंगे।
