ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्कूली शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाते हुए डिजिटल उत्पाद अभियांत्रिकी क्षेत्र की अग्रणी संस्था और हिताची समूह की इकाई ग्लोबललॉजिक ने ‘डिजी विद्या शाला’ नामक शैक्षिक कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित अपर प्राइमरी विद्यालय तुगलपुर में डिजिटल शिक्षण कक्षा का शुभारंभ किया गया।
मजबूत नींव से उज्ज्वल भविष्य तक: हर बच्चे के लिए व्यक्तिगत डिजिटल सीख
इस पहल का मुख्य उद्देश्य कक्षा चार से आठ तक अध्ययनरत विद्यार्थियों की बुनियादी पठन-पाठन, लेखन और गणितीय समझ को सुदृढ़ करना है, ताकि प्रारंभिक स्तर पर ही बच्चों की शिक्षा की नींव मजबूत हो सके। डिजिटल माध्यम से व्यक्तिगत सीखने की इस व्यवस्था के जरिए बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन रही है।
कार्यक्रम का संचालन चरणबद्ध ढंग से किया जा रहा है। वर्तमान में यह योजना छह सरकारी विद्यालयों में लागू की गई है, जिनमें तीन विद्यालय नोएडा क्षेत्र और तीन विद्यालय हैदराबाद में स्थित हैं। इन विद्यालयों के कुल 1,440 से अधिक विद्यार्थी इस डिजिटल शिक्षण व्यवस्था से सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। गौतम बुद्ध नगर जिले से 730 और हैदराबाद क्षेत्र से 714 विद्यार्थी इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
तकनीक के साथ सीखने की नई उड़ान: माइंडस्पार्क से हर छात्र को उसकी रफ़्तार पर मार्गदर्शन
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यह तकनीक आधारित शिक्षण कार्यक्रम प्रथम इन्फोटेक फाउंडेशन और एजुकेशनल इनिशिएटिव्स के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसमें ‘माइंडस्पार्क’ नामक व्यक्तिगत अनुकूल शिक्षण मंच का उपयोग किया जा रहा है, जो प्रत्येक छात्र की समझ और सीखने की गति के अनुसार विषयवस्तु प्रस्तुत करता है। इसके माध्यम से हिंदी, अंग्रेज़ी (अंग्रेज़ी का प्रयोग न करते हुए भाषा शिक्षण) और गणित विषयों में बच्चों को व्यक्तिगत सुधारात्मक मार्गदर्शन मिलता है, जिससे उनकी सीखने की क्षमता में निरंतर वृद्धि हो रही है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने इस अवसर पर कहा कि ग्लोबललॉजिक की सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत संचालित यह कार्यक्रम बीते एक वर्ष से सरकारी विद्यालयों में सफलतापूर्वक चल रहा है। कंप्यूटर आधारित शिक्षण प्रणाली से विद्यार्थियों की बुनियादी समझ में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे परीक्षा की तैयारी भी अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पा रहे हैं।
समान शिक्षा का संकल्प: ‘डिजी विद्या शाला’ से हज़ारों बच्चों तक अवसर की रोशनी
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ग्लोबललॉजिक की सामाजिक उत्तरदायित्व प्रमुख मोनिका वालिया ने बताया कि संस्था का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कंपनी की शिक्षा केंद्रित सामाजिक पहलें अब तक देशभर में 11 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच चुकी हैं और ‘डिजी विद्या शाला’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
ग्लोबललॉजिक के समूह उपाध्यक्ष एवं एशिया-प्रशांत क्षेत्र प्रमुख पियूष झा ने कहा कि डिजिटल और व्यक्तिगत शिक्षण को कक्षा तक पहुंचाकर शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। ‘डिजी विद्या शाला’ केवल तकनीक आधारित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने का माध्यम भी है।
सीखने की खाई पाटने की साझेदारी: हर विद्यार्थी के लिए उसकी क्षमता के अनुरूप शिक्षा
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एजुकेशनल इनिशिएटिव्स के सह-संस्थापक श्रीधर राजगोपालन और प्रथम इन्फोटेक फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रेम यादव ने इस साझेदारी को शिक्षा में मौजूद सीखने की खाई को पाटने वाली प्रभावशाली पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को उनकी क्षमता और गति के अनुसार सीखने का अवसर प्रदान करता है।
‘डिजी विद्या शाला’ कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को सशक्त बनाता है तथा डिजिटल माध्यम से सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।
