गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
विश्व जल दिवस 2026 के उपलक्ष में दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड वाटर अवार्ड 2025-26 कार्यक्रम में महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने संयुक्त रूप से प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में गाजियाबाद नगर निगम को वाटर डाइजेस्ट तथा यूनेस्को द्वारा बेस्ट इनिशिएटिव इन सस्टेनेबल अर्बन वॉटर मैनेजमेंट एवं सर्कुलर इकोनॉमी इन सेनिटेशन श्रेणी में सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार को जल शक्ति मंत्रालय के माननीय मंत्री सीआर पाटील और राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी द्वारा महापौर, नगर आयुक्त और जलकल विभाग की टीम को प्रदान किया गया।
नगर निगम की पहल और टीएसटीपी परियोजना
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा ग्रीन म्युनिसिपल बॉण्ड के अंतर्गत संचालित टीएसटीपी (तृतीयक मलजल उपचार संयंत्र) में शोधित जल का पुनः उपयोग औद्योगिक इकाइयों तक पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। इस प्रयास के लिए वाटर डाइजेस्ट तथा यूनेस्को द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया। परियोजना की क्षमता 40 एमएलडी है और यह औद्योगिक उद्देश्यों के लिए जल पुनर्चक्रण सुनिश्चित करती है।
जल संरक्षण और नवाचार
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महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम ने अपशिष्ट जल उपचार के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया है। टीएसटीपी से उपचारित जल का उपयोग मियावाकी वृक्षारोपण पहल में किया जा रहा है, जिससे स्वच्छ वायु बढ़े और सतही जल का बहाव रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, नगर निगम ने तालाबों का पुनरोद्धार किया और उनकी क्षमता का विस्तार किया है।
वर्षा जल संचयन और नागरिक लाभ
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नगर निगम ने 100 से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की है और 400 से अधिक उच्च स्तरीय आवासीय सोसायटियों में छत वर्षा जल संचयन प्रणाली की सुविधा उपलब्ध कराई है। इन पहलों के माध्यम से गाजियाबाद नगर निगम ने शहरवासियों के लिए स्थायी जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कार्यक्रम में नगर निगम से अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, महा प्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, अधिशासी अभियंता जल आश कुमार और अन्य टीम उपस्थित रही।
