गाजियाबाद का कायाकल्प : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एरोसिटी और हिंडन रिवर फ्रंट को महामंजूरी

Rashtriya Shikhar
4 Min Read
Revamping of Ghaziabad: International Cricket Stadium, Aerocity, and Hindon Riverfront receive major approvals. IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

—जीडीए की 171वीं बोर्ड बैठक में विकास का मास्टर स्ट्रोक; तुलसी निकेतन का होगा कायाकल्प, 3500 करोड़ की आय का लक्ष्य

आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार):
गाजियाबाद अब केवल दिल्ली से सटा एक शहर नहीं, बल्कि अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने की राह पर है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 171वीं बोर्ड बैठक में विकास के नए युग का सूत्रपात हुआ। मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कुल 25 एजेंडों पर चर्चा हुई, जिसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और एरोसिटी जैसी मेगा परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी गई।

खेल प्रेमियों को सौगात : राजनगर एक्सटेंशन में बनेगा इंटरनेशनल स्टेडियम

ALSO READ:https://www.amarujala.com/delhi-ncr/ghaziabad/cold-wave-today-yellow-alert-for-fog-again-from-tomorrow-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-802437-2026-01-15?src=top-subnav

बोर्ड ने राजनगर एक्सटेंशन के ग्राम मोरटी और अटौर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसमें वर्ल्ड क्लास पिच, कॉर्पोरेट बॉक्स और भव्य मीडिया सेंटर होगा।

अधिकारियों का पक्ष: जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल (आईएएस) ने बताया कि स्टेडियम के लिए भूमि अर्जन और डिजाइन की बाधाओं को दूर कर लिया गया है। यह प्रोजेक्ट न केवल खेल को बढ़ावा देगा, बल्कि गाजियाबाद को वैश्विक मानचित्र पर ला खड़ा करेगा।

एरोसिटी टाउनशिप और हिंडन तटबंध मार्ग

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/trans-hindon-cyber-police-40-crore-recovered/

स्टेडियम के आसपास के क्षेत्र को ‘एरोसिटी’ थीम पर विकसित किया जाएगा, जहाँ लग्जरी होटल और हाई एंड रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स होंगे। वहीं, हिंडन नदी के किनारे तटबंध मार्ग के निर्माण से शहर को बाढ़ से सुरक्षा और ट्रैफिक से मुक्ति मिलेगी।

जिलाधिकारी का वर्जन: जिलाधिकारी रविंद्र कुमार माॅदड ने कहा कि हिंडन तटबंध मार्ग एक गेम चेंजर साबित होगा। यह वैकल्पिक बाईपास के रूप में कार्य करेगा, जिससे शहर के आंतरिक यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा।

तुलसी निकेतन का पुनर्विकास (PPP मॉडल)

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/after-26-days-the-protest-ended/

जर्जर भवनों की समस्या से जूझ रहे तुलसी निकेतन के निवासियों के लिए बोर्ड ने ‘उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति 2026’ के तहत इसे पीपीपी मॉडल पर विकसित करने का निर्णय लिया है। यहाँ 288 LIG और 2004 EWS भवनों की जगह आधुनिक बहुमंजिला इमारतें बनेंगी।

आंकड़ों में जीडीए का दम (वित्तीय वर्ष 2026-27)

जीडीए सचिव विवेक मिश्रा ने बजट का ब्यौरा पेश करते हुए बताया कि आगामी वर्ष के लिए भारी भरकम लक्ष्य रखे गए हैं:

•प्रस्तावित कुल आय: ₹3,496 करोड़ लगभग।

•प्रस्तावित कुल व्यय: ₹3,287 करोड़ लगभग।

•राजस्व रणनीति: 1,228 रिक्त इकाइयों की बिक्री से ₹408.50 करोड़ जुटाने की योजना है।

पारदर्शिता और सख्त प्रवर्तन

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/ghaziabad-municipal-corporation-arranging/

अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के लिए अब भूतपूर्व सैनिकों और होमगार्ड्स की मदद ली जाएगी। साथ ही, कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट’ का गठन होगा।

अध्यक्षीय संदेश: मंडलायुक्त और जीडीए अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी ने बैठक के अंत में कहा कि हमारा विजन गाजियाबाद को एक ‘ग्लोबल सिटी’ बनाना है। तुलसी निकेतन का पुनर्विकास और एरोसिटी जैसे प्रोजेक्ट्स निवेश के द्वार खोलेंगे। हमने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से और पूर्ण पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारा जाए। उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण बैठक में उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार माॅदड, सचिव विवेक मिश्रा, मुख्य अभियंता और प्राधिकरण के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

2 12
Share This Article
Leave a comment