जीडीए का खजाना फुल : जनवरी की दो नीलामियों से कमाए ₹463 करोड़, शास्त्री नगर में रिकॉर्ड तोड़ बोलियां

Rashtriya Shikhar
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GDA's coffers are full: ₹463 crore earned from two January auctions, record-breaking bids in Shastri Nagar IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की संपत्तियों के प्रति निवेशकों का आकर्षण सिर चढ़कर बोल रहा है। शुक्रवार को हुई नीलामी में प्राधिकरण ने न केवल अपनी 11 संपत्तियों को सफलतापूर्वक बेचा, बल्कि अनुमान से कहीं अधिक का राजस्व भी जुटाया। जनवरी माह में आयोजित मात्र दो नीलामियों से जीडीए को कुल ₹463 करोड़ से अधिक की बंपर आय हुई है, जो शहर के रियल एस्टेट बाजार में जबरदस्त उछाल और प्राधिकरण की योजनाओं पर जनता के भरोसे का प्रमाण है।

शास्त्री नगर में मची होड़: 4 गुना से ज्यादा रेट पर बिके प्लॉट

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नीलामी के दौरान सबसे दिलचस्प मुकाबला शास्त्री नगर योजना की बागवाली कॉलोनी के आवासीय भूखंडों को लेकर रहा। यहाँ ₹60,000 प्रति वर्गमीटर के बेस प्राइस वाले भूखंडों के लिए बोलीदाताओं ने ऐसी प्रतिस्पर्धा दिखाई कि रेट सीधे ₹2,60,000 प्रति वर्गमीटर तक पहुँच गए। यानी अपने निर्धारित मूल्य से 4 गुना से भी अधिक कीमत पर ये प्लॉट बिके। इसी तरह कौशांबी में भी ₹93,000 की दर वाले भूखंड ₹1,95,000 प्रति वर्गमीटर तक नीलाम हुए।

कोयल एन्क्लेव और इंद्रप्रस्थ में ग्रुप हाउसिंग का जलवा

नीलामी में बड़े निवेशकों ने ग्रुप हाउसिंग और स्कूल भूखंडों में भी खासी रुचि दिखाई:

•कोयल एन्क्लेव: यहाँ के दो बड़े ग्रुप हाउसिंग भूखंडों से जीडीए को अकेले ₹158.03 करोड़ की आय हुई।

•इंद्रप्रस्थ योजना: पॉकेट-डी के ग्रुप हाउसिंग भूखंड ने ₹24.59 करोड़ और पॉकेट-ई के व्यावसायिक भूखंडों ने लगभग ₹2.40 करोड़ का राजस्व दिया।

•वैशाली: यहाँ 4000 वर्गमीटर का स्कूल प्लॉट ₹38.2 करोड़ में नीलाम हुआ।

निवेशकों का बढ़ता भरोसा

जीडीए की पारदर्शिता और नीतियों ने निवेशकों को किया आकर्षित, नीलामी में रिकॉर्ड सफलता से विकास को मिलेगी नई रफ्तार

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जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल के निर्देशन में संपन्न हुई इस नीलामी की सफलता ने यह साफ कर दिया है कि जीडीए की पारदर्शी कार्यप्रणाली और सुव्यवस्थित नीतियां निवेशकों को लुभा रही हैं। 8 जनवरी को हुई पिछली नीलामी में भी प्राधिकरण ने ₹194 करोड़ जुटाए थे। अधिकारियों का मानना है कि संपत्तियों की इतनी ऊंची दरों पर बिक्री भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है और इससे शहर के विकास कार्यों को और गति मिलेगी।

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