गाजियाबाद (शिखर समाचार)
प्रधानमंत्री आवास योजना को जमीन पर तेज रफ्तार देने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण लगातार मोर्चे पर सक्रिय है। इसी क्रम में उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने नूरनगर पहुंचकर परियोजना क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन आवासीय इकाइयों की वास्तविक प्रगति, गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे की उपलब्धता और लाभार्थियों तक जल्द आवंटन सुनिश्चित करने से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की।
उपाध्यक्ष का सख्त निर्देश: समयसीमा और गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं, आवास कार्यों की विशेष निगरानी
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने अधीनस्थ इंजीनियरों और ठेकेदारों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि तय समयसीमा से बाहर किसी भी कार्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने विकास कार्यों की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने, गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर समझौता न होने देने और धीमी गति से चल रही कार्यवाहियों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष ने यह भी रेखांकित किया कि लाभार्थियों को शीघ्र आवास उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए लंबित कार्यों को विशेष निगरानी में पूरा किया जाए।
योजना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उपाध्यक्ष ने परियोजना परिसर में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स विकसित करने के निर्देश भी मौके पर दिए, ताकि भविष्य के अनुरक्षण पर पड़ने वाले व्यय की आर्थिक भरपाई सुगमता से हो सके। इसके साथ ही उन्होंने नूरनगर में प्रस्तावित 77 आवासीय भूखंडों के लिए चयनित स्थल का भी बारीकी से अवलोकन किया और अधिकारियों को सड़क, नाली, सीवर और आवश्यक नागरिक सुविधाओं के विकास में तेजी लाने तथा सर्वोच्च गुणवत्ता मानकों का पालन करने को कहा।

उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य केवल छत उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि हर पात्र परिवार को सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। उन्होंने जोर दिया कि जीडीए इस लक्ष्य को ठोस परिणामों में बदलने के लिए लगातार मैदान पर मौजूद है और नूरनगर परियोजना इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।
