हापुड़ (शिखर समाचार) सरस्वती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ अस्पताल परिसर में आयोजित निःशुल्क नेफ्रोलॉजी परामर्श शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों ने भाग लेकर लाभ उठाया। अस्पताल के ओपीडी प्रांगण में लगाए गए इस विशेष शिविर में दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) से आए प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट और किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. गौरव सिंघल ने मरीजों को नि:शुल्क परामर्श दिया। उन्होंने गुर्दे से जुड़ी बीमारियों के शुरुआती लक्षण, उनकी रोकथाम और उपचार के आधुनिक तरीकों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
हापुड़ में स्वास्थ्य शिविर: निःशुल्क जांचों से किडनी रोगों की समय रहते पहचान
शिविर में हापुड़ सहित आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों की विभिन्न चिकित्सीय जांचें की गईं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से सीबीसी, यूरिया, क्रिएटिनिन, आरबीएस और मूत्र की रूटीन व माइक्रोस्कोपी जांचें पूर्णतः निःशुल्क कराई गईं। इन जांचों से मरीजों में किडनी संबंधी रोगों की प्रारंभिक पहचान में महत्वपूर्ण मदद मिली। डॉक्टरों ने उपस्थित लोगों को सलाह दी कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और संतुलित जीवनशैली अपनाने से किडनी की बीमारियों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
इस शिविर के सफल संचालन में डीएमएस हर्ष प्रताप शिशोदिया, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट अहिलाया सशिधरन, डीएनएस संजय, अस्पताल प्रबंधक डॉ. जय कुमार, मार्केटिंग मैनेजर डॉ. मनोज गोविल और डायलिसिस तकनीशियन आशिफ़ खान की भूमिका सराहनीय रही। सभी के सामूहिक प्रयासों और टीमवर्क से शिविर का संचालन बेहद सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ, जिससे मरीजों को उच्चस्तरीय सेवा और संतुष्टि का अनुभव हुआ।
हर वर्ग तक पहुंचे बेहतर इलाज: स्वास्थ्य जागरूकता की ओर सार्थक कदम
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अस्पताल के महाप्रबंधक एन. वरदराजन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरस्वती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ समाज के हर वर्ग तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने नेफ्रोलॉजी विभाग और आयोजन में शामिल पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल उपचार का माध्यम हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सशक्त जरिया भी हैं।
सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के अध्यक्ष डॉ. जे. रामचंद्रन और उपाध्यक्ष राम्या रामचंद्रन ने भी इस सफल आयोजन पर आयोजन समिति को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह शिविर संस्थान की उस सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है, जिसके तहत एसआईएमएस लगातार जनस्वास्थ्य, रोग निवारण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सरस्वती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ की यह पहल न केवल चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का परिचायक है, बल्कि यह समाज के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता और संवेदनशील दृष्टिकोण का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है।
