भारत मण्डपम की तर्ज पर गाजियाबाद में तैयार हो रहा भव्य ‘बुनकर मार्ट’, उपाध्यक्ष ने धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

Rashtriya Shikhar
2 Min Read
Following the model of Bharat Mandapam, a grand 'Bunkar Mart' is being prepared in Ghaziabad, and the Vice Chairman expressed displeasure over its slow progress. IMAGE CREDIT TO प्राधिकरण

——-मधुबन बापूधाम परियोजना का निरीक्षण : ₹115 करोड़ की लागत से बन रहे कन्वेंशन सेंटर को समय सीमा में पूर्ण करने के कड़े निर्देश

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)।

क्षेत्रीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक सूरजपुर का ऐतिहासिक बाराही मेला 2026 इस वर्ष 1 अप्रैल से 13 अप्रैल तक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। “सोशल मीडिया और संस्कार” थीम पर आधारित यह मेला आधुनिकता और परंपरा के संतुलन का अनूठा संदेश देगा।

मेले का शुभारंभ और कार्यक्रम

ALSO READ:https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/ghaziabad/photo-gallery-gda-decided-in-meeting-10-crossings-widened-and-beautified-in-ghaziabad/2875019

मेले का शुभारंभ 1 अप्रैल को सायं 4:30 बजे ध्वजारोहण के साथ होगा, जिसके बाद भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। चौ० धर्मपाल भाटी ने बताया कि मेला प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 2 बजे तक चलेगा, जिसमें सांस्कृतिक, सामाजिक और मनोरंजक कार्यक्रमों की विविध प्रस्तुतियां होंगी।

आकर्षक आयोजन और प्रतियोगिताएं

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/the-leadership-of-ceo-rakesh-kumar-singh/

कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल ने बताया कि इस बार मेले में ₹101 से ₹1,51,000 तक का विशाल ईनामी कुश्ती दंगल आयोजित किया जाएगा, जिसका प्रायोजन मोहन बाबा ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। पहली बार मेले में जलपरी शो आकर्षण का केंद्र रहेगा।

मनोरंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/decorated-a-government-school-with-her-salary/

मेले में मारूति सर्कस, रोमांचक झूले, जादूगर शो, काला जादू, मौत का कुआं, भूत बंगला, मीना बाजार और खान-पान की दुकानों के साथ विराट कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। इसमें संतोष आनंद और मुकेश शर्मा जैसे कवि अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 2 अप्रैल को शेखचिल्ली और रुखसाना की महफिल विशेष आकर्षण रहेगी।

धार्मिक आस्था और ग्रामीण संस्कृति

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/bank-of-baroda-celebrate-118th-foundation-day/

प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से 8:15 बजे तक क्षेत्रीय परंपराओं का सम्मान किया जाएगा। प्राचीन सरोवर में स्नान से चर्म रोगों में लाभ होने की मान्यता है। प्राचीन चौपाल में ग्रामीण जीवन की झलक बड़ी खाट, हुक्का, बैलगाड़ी, राया, पीछा और रई के माध्यम से देखने को मिलेगी।

Share This Article
Leave a comment