टीबी के खिलाफ जंग तेज: सरस्वती मेडिकल साइंसेज़ का बड़ा जन जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया प्रभावी संदेश

Rashtriya Shikhar
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Fight against TB intensifies: Saraswati Medical Sciences launches a major public awareness campaign, delivering a powerful message through street plays. IMAGE CREDIT TO सरस्वती इंस्टिट्यूट

हापुड़ (शिखर समाचार)। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा मुकिमपुर गांव एवं संस्थान के ओपीडी परिसर में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम इस वर्ष की वैश्विक थीम “हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं: देशों के नेतृत्व में, लोगों की शक्ति से” के अनुरूप आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य आमजन को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक करना, इसके लक्षणों की समय पर पहचान, रोकथाम, पूर्ण उपचार के महत्व और बीमारी से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करना रहा।

अभियान का आयोजन और नेतृत्व

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कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. (ब्रिग.) विनीत रस्तोगी के मार्गदर्शन में हुआ। नेतृत्व डॉ. विनय कुमार (टीबी नोडल अधिकारी) और डॉ. सिनीश टी. वी. (सीनियर रेजिडेंट) ने किया, जिसमें फैकल्टी, रेजिडेंट्स और एमबीबीएस छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

मुकिमपुर गांव में चिकित्सा शिविर और परामर्श

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मुकिमपुर गांव में आयोजित चिकित्सा शिविर में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी के लक्षण, जांच और उपचार संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों को समय पर परामर्श मिला, जिससे संभावित मरीजों की पहचान भी संभव हो सकी।

अभियान की सबसे खास आकर्षण एमबीबीएस 2023 और 2024 बैच के छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। मुकिमपुर गांव और ओपीडी परिसर में मंचित इस नाटक के माध्यम से टीबी संक्रमण, देर से जांच के खतरे और पूरा इलाज करने की जरूरत को सरल और प्रभावी तरीके से समझाया गया। प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित कर जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाई।

ओपीडी गतिविधियां और स्वास्थ्य वार्ता

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ओपीडी गतिविधियों का संचालन डॉ. सचेत डावर (एसोसिएट प्रोफेसर, पल्मोनरी मेडिसिन) के निर्देशन में किया गया। स्वास्थ्य वार्ता के दौरान डॉ. विनय कुमार ने लगातार खांसी, वजन घटना और बुखार जैसे शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि टीबी की जांच और इलाज राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत निशुल्क उपलब्ध है और पूरा उपचार लेना बेहद जरूरी है, ताकि दवा प्रतिरोध जैसी समस्या से बचा जा सके।

कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अरशद, डॉ. सानोजा श्रेया, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. ललित, भूप सिंह और इरफान का विशेष योगदान रहा। संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनस्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

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