गाजियाबाद (शिखर समाचार) विदेश मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय गाजियाबाद में 11 दिसंबर को आयोजित पासपोर्ट लोक अदालत ने आवेदकों को बड़ी राहत दी। दिनभर चली इस विशेष पहल में कई ऐसे मामलों का समाधान हुआ, जो तकनीकी कारणों या दस्तावेज़ी कमी के चलते लंबे समय से लंबित चले आ रहे थे।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप ने दिखाई तत्परता और पारदर्शिता—आवेदकों के हर मुद्दे का मौके पर समाधान
कार्यक्रम की कमान संभाल रहे क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप ने शुरुआत से अंत तक स्वयं मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। उन्होंने प्रत्येक आवेदक से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करते हुए आवेदन से लेकर सत्यापन तक से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से सुना और मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया। अधिकारी की संवेदनशीलता, पारदर्शी कार्यप्रणाली और तत्परता ने आवेदकों का भरोसा और अधिक मजबूत किया।
लोक अदालत के दौरान कार्यालय में अलग अलग श्रेणियों के आवेदकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, लेकिन सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते किसी को भी असुविधा नहीं हुई। दस्तावेज़ सुधार, नाम या पता अपडेट, फाइल ट्रैकिंग, पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़े मामले, बाधित आवेदन तथा विशेष समीक्षा वाले कई मामलों का समाधान उसी दिन कर दिया गया। आवेदकों ने इसे पासपोर्ट विभाग का अत्यंत सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि निश्चित समय में समाधान मिलना आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।
पासपोर्ट कार्यालय की पूरी टीम रही सतत सक्रिय—लोक अदालत ने दिखाया विभाग की जनसेवा में गंभीरता और सुधार की प्रतिबद्धता
पूरे आयोजन के दौरान पासपोर्ट कार्यालय की टीम लगातार सक्रिय रही और हर डेस्क पर कर्मचारी आवेदकों की सहायता में तत्पर दिखाई दिए। लोक अदालत के सकारात्मक परिणामों ने आमजन में यह संदेश भी दिया कि विभाग जनसुविधाओं को लेकर गंभीर है और सेवा-प्रदाय में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है।
इस सफल आयोजन ने यह भी स्पष्ट किया कि जब प्रशासनिक तंत्र संवेदनशील और जवाबदेह होकर कार्य करता है, तो जटिल प्रक्रियाएँ सरल हो जाती हैं और समस्याओं का निस्तारण बेहद सुगमता से संभव हो पाता है। गाजियाबाद पासपोर्ट कार्यालय की यह पहल व्यापक स्तर पर एक प्रभावी मॉडल के रूप में देखी जा रही है, जिससे भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी प्रेरणा लेने की संभावना बढ़ गई है।
