बिजनौर (शिखर समाचार) गंगा बैराज पर तैनात पुलिसकर्मियों और स्थानीय गोताखोरों ने मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए एक महिला की जान बचाकर देवदूत की भूमिका निभाई। शुक्रवार को गंगा बैराज के गेट संख्या पांच से एक महिला ने अचानक गंगा में छलांग लगा दी, जिससे वहां अफरा तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और गोताखोरों की सहायता से महिला को डूबने से पहले ही नदी से बाहर निकाल लिया।
मौत के मुहाने से लौटाई ज़िंदगी: बैराज से कूदी महिला, साहसी बचाव ने बचाया प्राण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला कुछ देर तक बैराज पर इधर उधर घूमती रही और अचानक गेट से नीचे कूद गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बैराज पर तैनात पुलिसकर्मी सक्रिय हुए और स्थानीय तैराकों को बुलाकर संयुक्त रूप से बचाव कार्य शुरू किया गया। तेज बहाव और गहराई के बावजूद गोताखोरों ने साहस दिखाते हुए महिला तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर संग्राम सिंह ने बताया कि बचाई गई महिला की पहचान अंजुम उम्र लगभग पैंतीस वर्ष निवासी सहसपुर थाना हस्तिनापुर जनपद मेरठ के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है और इसी कारण उसने यह कदम उठाया। महिला को प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है तथा उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और गोताखोरों की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते कदम न उठाया जाता तो परिणाम बेहद दुखद हो सकता था। गंगा बैराज पर हुई इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सतर्कता, साहस और मानवीय संवेदनाएं मिलकर कई जिंदगियों को बचा सकती हैं।
