चंद्र ग्रहण के चलते शामली में नहीं मना होली पर्व, मंदिरों के कपाट रहे बंद

Rashtriya Shikhar
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Due to the lunar eclipse, the Holi festival was not celebrated in Shamli, and temple doors remained closed. IMAGE CREDIT TO REPORTER

शामली (शिखर समाचार)। चंद्र ग्रहण के कारण मंगलवार को जिले में होली पर्व नहीं मनाया गया। ग्रहण के सूतक काल को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों के कपाट निर्धारित समय से पूर्व बंद कर दिए गए, जिससे श्रद्धालुओं को नियमित पूजा अर्चना से वंचित रहना पड़ा। हालांकि देर शाम जैसे ही कपाट दोबारा खोले गए, मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोगों ने भगवान की पूजा अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंगलवार को चंद्र ग्रहण के चलते शहर के श्री मंदिर हनुमान टीला हनुमान धाम, शिव चौक स्थित शिव मंदिर, श्री गुलजारी वाला शिव मंदिर, बलभद्र मंदिर, सदाशिव मंदिर रेलपार तथा गढ़मुक्तेश्वर महादेव शिव मंदिर पंसारियान सहित अन्य प्रमुख मंदिरों के कपाट सूतक काल प्रारंभ होते ही बंद कर दिए गए। मंदिरों में सुबह 6 बजे से पूर्व भगवान को भोग लगाकर विधिवत पूजा अर्चना संपन्न कराई गई और इसके बाद श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

सूतक काल में बंद रहे मंदिर

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हनुमान धाम के प्रधान सलिल द्विवेदी ने बताया कि सुबह 6:20 बजे से सूतक काल प्रारंभ हो गया था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रखने की परंपरा है। उन्होंने जानकारी दी कि चंद्र ग्रहण का समापन शाम 6:45 बजे तक रहा। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर परिसर में साफ-सफाई और शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।

रात में फिर खुले कपाट, उमड़ी भीड़

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इसके उपरांत रात लगभग 8 बजे तक मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोल दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की प्रार्थना की।

घरों में भी हुई पूजा-अर्चना

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ग्रहण के कारण प्रतिदिन दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। कई श्रद्धालुओं ने घरों में ही पूजा-पाठ कर धार्मिक नियमों का पालन किया। देर शाम मंदिरों में महाआरती और प्रसाद वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

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