नगीना/बिजनौर (शिखर समाचार) बढ़ापुर मार्ग पर स्थित ग्राम नंदपुर में वर्षों पुराने सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर में इन दिनों एक अनोखा दृश्य लोगों की आस्था और जिज्ञासा का विषय बना हुआ है। मंदिर परिसर में स्थापित विशाल हनुमान प्रतिमा की पिछले तीन दिनों से एक कुत्ता निरंतर परिक्रमा करता देखा जा रहा है। सुबह और शाम पूजा-अर्चना के समय यह दृश्य विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
कुत्ते की अद्भुत परिक्रमा ने बढ़ाई श्रद्धालुओं की भीड़, आसपास के गांवों में फैल गई चर्चा
प्रारंभ में ग्रामीण इस घटना को सामान्य मानकर अनदेखा करते रहे, लेकिन लगातार तीसरे दिन भी कुत्ते को उसी क्रम में प्रतिमा की परिक्रमा करते देख लोगों ने इसे अद्भुत संकेत के रूप में स्वीकार करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह चर्चा आसपास के गांवों तक फैल गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। मंगलवार को तो मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर आस्थावान लोगों का भारी जमावड़ा देखने को मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नंदपुर का यह हनुमान मंदिर प्राचीन सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाता है और यहां इस तरह की घटना पहली बार देखी जा रही है। कुछ श्रद्धालु इसे हनुमान भक्ति से जुड़ा चमत्कार मान रहे हैं, तो कुछ लोग कुत्ते को भैरवनाथ का प्रतीक मानकर इसे शुभ संकेत बता रहे हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु कुत्ते की परिक्रमा को ध्यानपूर्वक देख रहे हैं और इसे अपनी आस्था से जोड़ रहे हैं।
भाजपा मंत्री अनूप बाल्मीकि ने किया मंदिर का दौरा, कुत्ते को भैरवनाथ का स्वरूप मान श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ी
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घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय भाजपा मंत्री अनूप बाल्मीकि भी मंदिर पहुंचे। उन्होंने बताया कि नंदपुर का हनुमान मंदिर सदियों पुराना सिद्ध स्थल है और लोक मान्यताओं में कुत्ते को भैरवनाथ का स्वरूप माना जाता है, इसलिए यह दृश्य लोगों की आस्था को और मजबूत कर रहा है।
वहीं बढ़ती भीड़ और संभावित अव्यवस्था को देखते हुए थाना प्रभारी अवनीश मान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की शरारत या अव्यवस्था से बचाव के लिए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस की मौजूदगी में श्रद्धालु शांतिपूर्वक दर्शन कर रहे हैं। फिलहाल नंदपुर का हनुमान मंदिर आस्था, चर्चा और कौतूहल का केंद्र बना हुआ है, जहां एक कुत्ते की परिक्रमा को लोग ईश्वरीय संकेत मानकर देखने और महसूस करने के लिए दूर-दराज से पहुंच रहे हैं।
