ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
जिले में मतदाता सूची को पूर्णतः त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा हेतु जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में सूचना केंद्र सभागार में विस्तृत बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जहां पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर क्रमवार विचार-विमर्श हुआ।
मतदाता डेटा की पूरी तैयारी—बूथ स्तर प्रबंधकों और सहायकों की संयुक्त बैठक तय
बैठक में निर्वाचन अधिकारी ने गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण, डिजिटलीकरण, मिलान प्रक्रिया और विशेष चिन्हित मतदाताओं (एएसडी) से जुड़े कार्यों की स्थिति विस्तार से प्रस्तुत की। इस दौरान सभी दलों को एएसडी सूची भी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि आगामी 12 दिसंबर को प्रत्येक मतदान स्थल पर बूथ स्तर प्रबंधक और बूथ स्तर सहायक की संयुक्त बैठक निश्चित की गई है। इस बैठक में बूथ स्तर प्रबंधक मृतक, अनुपलब्ध, स्थायी रूप से दूसरे स्थान चले गए, दोहराए गए अथवा अन्य श्रेणियों में आने वाले मतदाताओं की अद्यतन सूची अपने बूथ स्तर सहायक को सौंपेंगे। इसके बाद सहायक इन विवरणों का प्रत्यक्ष सत्यापन कर सही जानकारी समय पर निर्वाचन कार्यालय तक पहुँचाने में सहयोग करेंगे।
निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने स्तर से मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाएँ, ताकि अधिकाधिक युवा मतदाता पंजीयन प्रपत्र-6 भरकर नामावली में सम्मिलित हो सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि सुधार प्रपत्र-08 एकत्र कर उसे समयबद्ध ढंग से बूथ स्तर प्रबंधक के माध्यम से निर्वाचन कार्यालय तक पहुँचाया जाए, जिससे नामांकन से संबंधित सत्यापन कार्य में कोई विलंब न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि 12 दिसंबर को प्रत्येक मतदान स्थल पर बूथ स्तर सहायक की उपस्थिति अनिवार्य होगी ताकि उन्हें एएसडी सूची उपलब्ध कराई जा सके।

बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हैबतपुर, बिसरख, कुलेसरा, चिपियाना सहित कुछ डूब क्षेत्रों में पंजीयन से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख किया। निर्वाचन अधिकारी ने सभी सुझावों और समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि जिले में कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित नहीं रहेगा और प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल कुमार ने पुनरीक्षण प्रक्रिया के तकनीकी पहलुओं प्रपत्रों का वितरण, प्राप्ति, डिजिटलीकरण और मिलान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विशेष चिन्हित मतदाताओं की सूची का सत्यापन अत्यंत महत्त्वपूर्ण चरण है, जिसमें बूथ स्तर सहायक की सक्रिय भूमिका निर्णायक है। उन्होंने यह भी कहा कि बूथ स्तर प्रबंधक और बूथ स्तर सहायक के बीच तालमेल जितना मज़बूत होगा, मतदाता सूची उतनी ही सटीक और अद्यतन बनेगी। बैठक में उप जिलाधिकारी जेवर अभय सिंह, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता के साथ सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
