बागपत (शिखर समाचार) मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने गुरुवार को बागपत जिले के थाना कोतवाली और थाना खेकड़ा का विस्तृत निरीक्षण कर पुलिस की जमीनी तैयारियों को परखा। निरीक्षण का उद्देश्य था अगामी चुनौतियों को देखते हुए कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना तथा बीट प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय करना।
थाना क्षेत्र के कर्मियों का सम्मान—निरीक्षण के दौरान महिला आरक्षी और जीडी लेखक की उत्कृष्ट सेवा को पुरस्कृत
निरीक्षण के दौरान उन्होंने दोनों थाना क्षेत्रों के ग्राम प्रहरियों से बातचीत की, उनकी कार्यप्रणाली जानी और मनोबल बढ़ाने हेतु कम्बल वितरित किए। इसी क्रम में बीट की गहन जानकारी रखने पर कोतवाली बागपत की महिला आरक्षी अनीता को पुरस्कृत किया गया, वहीं खेकड़ा थाने में जीडी लेखक वरुण सिंह को कार्य की सूक्ष्म समझ के लिए सम्मानित किया गया।
डीआईजी ने एसपी बागपत और पुलिस अधिकारियों के साथ कोतवाली और खेकड़ा के प्रमुख बाजारों, सर्राफा गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त कर सुरक्षा तैयारियों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद कर भरोसा दिलाया कि पुलिस हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए सतर्क है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने थाना क्षेत्रों में कड़ी कार्रवाई और सुधार के लिए दिए सख्त निर्देश—बीट चेकिंग से महिला सुरक्षा तक हर पहलू पर जोर
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निरीक्षण के दौरान डीआईजी कलानिधि नैथानी ने प्रमुख निर्देश दिए जिसमें बीट बुक को पूरी तरह अपडेट रखें और बीट चेकिंग अभियान को तेज करें। बीट कर्मियों को ग्राम चौकीदारों से नियमित संपर्क बनाए रखने के सख्त निर्देश। महिला आरक्षियों को अपनी बीट में प्रतिदिन भ्रमण कर रजिस्टर में स्वयं प्रविष्टि करने को कहा गया।
एंटी रोमियो प्रभारी पर अतिरिक्त कार्यभार न डालने की चेतावनी।
यूपी 112 और मिशन शक्ति के बीच समन्वय की कमी पर नाराज़गी जताई और बेहतर तालमेल बनाने को कहा। महिला सम्बन्धी इवेंट्स पर यूपी 112 से प्राप्त जानकारी पर बीट महिला कर्मियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के आदेश। सत्यापन में 15 दिन से अधिक समय लगना आपत्तिजनक बताते हुए समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश। एलआईयू रिपोर्ट की जानकारी सभी अधिकारियों तक रात तक पहुंचाने के आदेश। जिन ग्राम प्रहरियों की मृत्यु हो चुकी है, उनके स्थान पर नए नामों के प्रस्ताव तत्काल भेजने को कहा गया। एचएस की चेकिंग नियमित न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे रोजाना क्रियान्वित करने को कहा। लंबे समय से दाखिल लावारिस और जप्त वाहनों की नीलामी जल्द कराने के निर्देश।ड्यूटी चार्ट का थाना प्रभारी स्वयं निरीक्षण करें और एक वर्ष से अधिक समय से चौकी पर तैनात कर्मियों का रोटेशन सुनिश्चित करें। 07 वर्ष से अधिक सजा वाले प्रत्येक प्रकरण में SID अनिवार्य रूप से जनरेट करने के आदेश। भूमि विवाद से जुड़े सभी मामलों पर तुरंत संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश। महिला अपराधों में तीन चरणों में काउंसलिंग कर मामलों को शीघ्र निस्तारित करने की व्यवस्था लागू करने को कहा तथा विवेचनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने की कड़ी हिदायत।
इसके अलावा डीआईजी ने थाना परिसर, बैरक, भोजनालय, बंदी गृह, मालखाना, विवेचना कक्ष, शस्त्रागार, महिला हेल्प डेस्क, आगंतुक कक्ष तथा CCTNS/IGRS कार्यालय का सूक्ष्म निरीक्षण कर अभिलेखों की प्रविष्टियां देखीं और आवश्यक सुधारात्मक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी कहा कि शस्त्रागार में रखे हथियारों की नियमित सफाई अनिवार्य की जाए। मिशन शक्ति/महिला हेल्प डेस्क रजिस्टरों की लगातार समीक्षा कर शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु रासुका, गैंगस्टर एक्ट और गुण्डा एक्ट में तत्परता से कार्यवाही की जाए। सीमावर्ती इलाकों में संयुक्त चेकिंग बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। अवैध शस्त्र निर्माण व परिवहन में शामिल व्यक्तियों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा लाइसेंसधारियों का सत्यापन समय पर पूरा किया जाए।
निरीक्षण के अंत में डीआईजी ने साफ कहा कि पुलिसिंग तभी सार्थक है जब बीट सक्रिय हो, ग्राम प्रहरियों की भूमिका मजबूत हो और थाना स्तर पर हर अधिकारी-कर्मी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाए।
