निजी विद्यालयों में महंगी किताबों पर रोक की मांग, सांसद ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

Rashtriya Shikhar
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There is a demand to ban expensive books in private schools, and a Member of Parliament met the Chief Minister regarding this. IMAGE CREDIT TO सांसद डॉ राजकुमार सांगवान

मोदीनगर (शिखर समाचार)। बागपत मोदीनगर क्षेत्र से सांसद डॉ राजकुमार सांगवान ने लखनऊ में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर निजी विद्यालयों द्वारा महंगी पुस्तकों के माध्यम से अभिभावकों पर डाले जा रहे आर्थिक बोझ का मुद्दा उठाया। सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र सौंपते हुए बताया कि अधिकांश निजी विद्यालय एनसीईआरटी की सस्ती पाठ्यपुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों को लागू कर रहे हैं।

मध्यम और निम्न आय वर्ग पर असर

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सांसद ने कहा कि यह समस्या विशेषकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को प्रभावित कर रही है, जिन्हें हर साल भारी खर्च वहन करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि शिक्षा परिषद के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई विद्यालय प्रबंधक निजी प्रकाशकों की महंगी संदर्भ पुस्तकें अनिवार्य कर रहे हैं, जिनकी कीमतें कई गुना अधिक हैं।

पुस्तक विक्रेताओं के साथ मिलीभगत का आरोप

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सांसद ने यह भी बताया कि कुछ निजी विद्यालय प्रबंधन और चुनिंदा पुस्तक विक्रेताओं के बीच मिलीभगत के कारण अभिभावक केवल निर्धारित दुकानों से ही पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य हैं। इन पुस्तकों पर कोई छूट नहीं मिलती और इनकी शैक्षिक उपयोगिता भी सीमित पाई जाती है।

समाधान के लिए सांसद की मांगें

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सांसद ने मुख्यमंत्री से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की:

  • निजी विद्यालयों को एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों को प्राथमिकता देने के कठोर निर्देश जारी करना।
  • निजी प्रकाशकों की पुस्तकों के लिए निश्चित मूल्य तय करना, ताकि अनावश्यक मुनाफाखोरी रोकी जा सके।
  • अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु जिला स्तर पर निगरानी समिति का गठन।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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