मेरठ (शिखर समाचार) मेरठ परिक्षेत्र में पिछले एक वर्ष में लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी द्वारा पिछले वर्ष से शुरू किए गए ऑपरेशन विवेचना ने पूरे क्षेत्र में विवेचनाओं के गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण में नया कीर्तिमान स्थापित किया।
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परिक्षेत्र के चार जनपद मेरठ, बुलन्दशहर, बागपत और हापुड़ की लंबित विवेचनाओं की तुलना वर्ष 01 जनवरी 2025 से 01 जनवरी 2026 तक की गई। रिपोर्ट के अनुसार, 01 जनवरी 2025 को लंबित विवेचनाओं की संख्या 6355 थी, जबकि 01 जनवरी 2026 को यह घटकर 4661 रह गई। इस प्रकार कुल लंबित विवेचनाओं में 27 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
जनपदवार समीक्षा
मेरठ: 01 जनवरी 2026 तक लंबित विवेचनाएं 2156 रहीं, जो पिछले वर्ष 2553 थीं, यानी 15 प्रतिशत की गिरावट। जिले के विभिन्न सर्किलों की बात करें तो कोतवाली में 254, सिविल लाइन में 226, कैण्ट में 90, किठौर में 90, मवाना में 159, सरधना में 274 और सदर देहात में 273 विवेचनाएं लंबित रहीं। हालांकि ब्रह्मपुरी में 269 और दौराला में 346 विवेचनाएं लंबित रहीं, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हैं। इसके लिए संबंधित क्षेत्राधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बुलंदशहर में लंबित विवेचनाओं में 35% की कमी, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थिति स्पष्ट
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बुलन्दशहर: जिले में लंबित विवेचनाएं घटकर 1424 हुईं, जो 01 जनवरी 2025 को 2165 थीं। यह 35 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। नगर में 353, सिकन्दराबाद में 288, स्याना में 124, खुर्जा में 263, शिकारपुर में 177, अनूपशहर में 121 और डिबाई में 98 विवेचनाएं लंबित पाई गईं।
बागपत: जिले में लंबित विवेचनाएं घटकर 465 हुईं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 830 थी। नगर में 189, बड़ौत में 164 और खेकड़ा में 86 विवेचनाएं लंबित रहीं। इस प्रकार बागपत में लंबित विवेचनाओं में 44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
हापुड़ में लंबित विवेचनाओं में 27% की गिरावट, डीआईजी ने गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया
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हापुड़: जिले में लंबित विवेचनाएं 616 रहीं, जो पिछले वर्ष 807 थीं। नगर में 267, पिलखुवा में 199 और गढ़मुक्तेश्वर में 150 विवेचनाएं लंबित रहीं। इस प्रकार हापुड़ में 27 प्रतिशत की कमी हुई।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि परिक्षेत्र के सभी जनपदों द्वारा विवेचना निस्तारण में अच्छा प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने कहा कि समस्त क्षेत्राधिकारी अपने अपने सर्किलों में उचित पर्यवेक्षण करते हुए विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
सर्किल ब्रह्मपुरी और दौराला को बेहतर प्रदर्शन के लिए विशेष निर्देश
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विशेष ध्यान देने योग्य है कि सर्किल ब्रह्मपुरी और दौराला को अन्य सर्किलों के मुकाबले और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए निर्देशित किया गया है।
इस अभियान के परिणामस्वरूप न केवल लंबित विवेचनाओं में कमी आई है, बल्कि प्रत्येक सर्किल में विवेचनाओं के निस्तारण की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है। डीआईजी ने सभी अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस दिशा में जारी प्रयास न केवल कानून और व्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास को भी बढ़ाएंगे।
