निर्माणाधीन भवन ढहने के मामले में मौत का आंकड़ा हुआ चार, मकान मालिकों पर मुकदमा, ठेकेदार गिरफ्तार,

Rashtriya Shikhar
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Death toll rises to four in under-construction building collapse; case filed against homeowners, contractor arrested IMAGE CREDIT TO POLICE

रबूपुरा/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)।
नगला हुकुम सिंह गांव में बुधवार को निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान ढहने की दर्दनाक घटना का प्रभाव आज भी पूरे इलाके में देखा जा रहा है। मलबे में दबे तीन और मजदूरों शाकिर (38), कामिल (20) निवासी जेवर तथा नदीम (25) निवासी मोदीनगर को देर रात रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे पहले दोपहर में जीशान की मौत से ही मौत का आंकड़ा चार हो चुका था।

घटिया निर्माण और लापरवाही के आरोप—मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा, ठेकेदार गिरफ्तार

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पुलिस ने प्राथमिक जांच में लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की पुष्टि होने पर मकान मालिक महावीर, उसकी पत्नी राजबाला, बेटे गौरव और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार मनोज महेश्वरी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मनोज महेश्वरी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाकी आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश में लगातार दबिशें दी जा रही हैं।

कामगारों में भय का माहौल, कई ने गांव छोड़ना शुरू किया
हादसे के बाद से गांव और आसपास के क्षेत्रों में रह रहे बाहरी मजदूरों में जबरदस्त दहशत है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निर्माण जारी होने के कारण मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और राजस्थान से आए हजारों मजदूर यहां काम कर रहे हैं। लेकिन तीन मंजिला भवन के धराशायी होने के बाद मजदूरों को अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। नतीजतन देर रात से ही कई मजदूर अपने परिवारों के साथ गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना हो रहे हैं।

इमारत के ढहने से क्षेत्र में भय का माहौल—आस-पास के मकानों में दरारें और ग्रामीणों में दहशत

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इमारत ढहने से आसपास के मकानों में भी पड़ी दरारें
जहां यह हादसा हुआ, उसके आसपास के घर भी तेज धमाके और कंपन से प्रभावित हुए। कई मकानों की दीवारों में चौड़ी दरारें उभर आईं, जिससे स्थानीय परिवारों में खौफ बढ़ गया। डर की वजह से कई ग्रामीण रात होते ही अपने परिचितों के घरों में शरण लेने को मजबूर हो गए।

एयरपोर्ट विस्थापन नीति के नाम पर बढ़ा अवैध निर्माण, ग्रामीणों की उच्चस्तरीय जांच की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के तहत मिलने वाले मुआवजे का लाभ लेने के लिए कई गांवों में तेज़ी से अवैध ढंग से मकान खड़े किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि ऐसे निर्माण कार्यों में कुछ स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत भी शामिल है, जो निर्माणकर्ताओं से 50 प्रतिशत तक हिस्सा लेकर गैरकानूनी तरीके से भवन निर्माण करवाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि ऐसे हादसों को भविष्य में रोका जा सके।

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यह घटना न सिर्फ एक बड़ी लापरवाही की मिसाल है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।

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