ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने जनपद गौतमबुद्ध नगर में संचालित गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सबसे पहले नोएडा सेक्टर 94 स्थित श्री जी गौसदन में पहुंचकर वहां गौवंशों की देखरेख, चारा व्यवस्था, साफ सफाई, उपचार सुविधा और गौ आधारित उत्पाद निर्माण कार्यों को देखा। निरीक्षण के दौरान गौ उत्पाद निर्माण इकाई और परीक्षण प्रयोगशाला के संचालन को सुव्यवस्थित पाते हुए उन्होंने संचालक मंडल के प्रयासों की प्रशंसा की और इसे अनुकरणीय बताया।
इसके बाद सदस्य ने ग्रेटर नोएडा के ग्राम जलपुरा में प्राधिकरण द्वारा संचालित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मौसम में बढ़ती ठंड को देखते हुए गौवंशों के लिए विशेष संरक्षण इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी पशुओं को पर्याप्त पौष्टिक आहार, सूखा बिछावन, ढंके हुए शेड और उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जहां भी कमी दिखाई दे, उसे तुरंत दुरुस्त किया जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि गौसेवा और गौवंश संरक्षण प्रदेश सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है, इसलिए किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। सभी गौशालाओं में नियमित निगरानी, समयबद्ध भोजन वितरण और चिकित्सकीय परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
गोबर से आर्थिक सशक्तिकरण: गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के नए प्रयास
रमाकांत उपाध्याय ने गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी बल दिया। उन्होंने गोबर से रंग, अगरबत्ती, दीपक और अन्य उपयोगी वस्तुएं तैयार करने की गतिविधियां शुरू कराने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे गौशाला की आय बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे। स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण देकर इस कार्य से जोड़ने पर भी जोर दिया गया, ताकि जनसहभागिता बढ़े और व्यवस्था मजबूत हो।
निरीक्षण के समय मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण कुमार तथा संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद
