मुआवजा लंबित रहने पर न्यायालय सख्त, जिलाधिकारी आवास कुर्क करने के आदेश से मचा प्रशासनिक हड़कंप

Rashtriya Shikhar
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Court strict on pending compensation, administrative stir created due to order to attach District Magistrate's residence IMAGE CREDIT TO REPORTER

बिजनौर (शिखर समाचार) सिंचाई विभाग से जुड़े भूमि अधिग्रहण मुआवजा प्रकरण में लंबे समय से भुगतान न होने पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुरादाबाद स्थित भूमि अधिग्रहण अधिकरण ने आदेशों की अवहेलना को गंभीर मानते हुए बिजनौर जिलाधिकारी आवास की कुर्की के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस फैसले के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बन गई है।

न्याय की अनदेखी पर सख्त प्रहार: प्रशासनिक लापरवाही से कुर्की तक का सफर

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प्रकरण उमेश बनाम राज्य सरकार से संबंधित है, जो काफी समय से न्यायालय में विचाराधीन था। अधिकरण के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि सिंचाई विभाग को याचिकाकर्ता को भूमि अधिग्रहण के बदले 25 लाख 23 हजार रुपये का भुगतान करना था, लेकिन बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद धनराशि जारी नहीं की गई। न्यायालय ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कठोर कदम उठाया और जिलाधिकारी आवास की कुर्की का आदेश पारित कर दिया।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने स्पष्ट किया कि यह प्रकरण सिंचाई विभाग से संबंधित है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि अगली सुनवाई से पहले शासन स्तर से संबंधित धनराशि सिंचाई विभाग को उपलब्ध करा दी जाए, ताकि नियमानुसार याचिकाकर्ता को भुगतान हो सके और कुर्की की स्थिति उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि शासन को धन की मांग समय पर क्यों नहीं भेजी गई और इस देरी के लिए कौन अधिकारी अथवा कर्मचारी जिम्मेदार है। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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