ग्लोबल साउथ में भारत की नई कूटनीतिक पहल : प्रधानमंत्री की पांच देशों की यात्रा से खुलेगा सहयोग का नया अध्याय

राष्ट्रीय शिखर
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Cooperation will open up through PM's visit to five countries

नई दिल्ली (शिखर समाचार) प्रधानमंत्री अगले सप्ताह घाना, त्रिनिडाड और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राज़ील और नामीबिया की बहुचर्चित यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। 2 से 10 जुलाई के बीच होने वाली यह यात्रा वैश्विक दक्षिण (Global South) में भारत की रणनीतिक सक्रियता और साझेदारी को एक नई धार देने का प्रयास है। यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकातों की शृंखला नहीं, बल्कि भारत के वैश्विक दृष्टिकोण को गहराई से दर्शाता है, जिसमें साझेदारी, विकास, लोकतांत्रिक संवाद और सांस्कृतिक पुनःसंपर्क जैसे मूल तत्व प्रमुख हैं।

राष्ट्रपति महामहिम जॉन ड्रामानी महामा के आमंत्रण पर उनका स्वागत किया जाएगा

2-3 जुलाई को प्रधानमंत्री घाना की यात्रा करेंगे, जहां राष्ट्रपति महामहिम जॉन ड्रामानी महामा के आमंत्रण पर उनका स्वागत किया जाएगा। अफ्रीकी संघ और इकोवास जैसे क्षेत्रीय संगठनों में घाना की भूमिका को देखते हुए भारत इस सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। निवेश, स्वास्थ्य, सुरक्षा, ऊर्जा और मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संवाद की जमीन तैयार होगी। प्रधानमंत्री घाना की संसद को संबोधित करेंगे, जो दोनों लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के बीच पारदर्शी संवाद का प्रतीक होगा।

3-4 जुलाई को प्रधानमंत्री त्रिनिडाड और टोबैगो पहुंचेंगे

3-4 जुलाई को प्रधानमंत्री त्रिनिडाड और टोबैगो पहुंचेंगे। वहां राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर के साथ मुलाकातें होंगी। भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी वाला यह देश 180 वर्षों पुराने प्रवासी इतिहास से जुड़ा है। यह दौरा भारत और कैरिबियाई देशों के बीच भावनात्मक और रणनीतिक जुड़ाव को और मजबूत करेगा।

5 जुलाई को प्रधानमंत्री अर्जेंटीना पहुंचेंगे

5 जुलाई को प्रधानमंत्री अर्जेंटीना पहुंचेंगे, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की लगभग छह दशकों में पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। जी-20 के सदस्य और लैटिन अमेरिका की प्रमुख अर्थव्यवस्था अर्जेंटीना के साथ बातचीत में कृषि, ऊर्जा, व्यापार, खनिज संसाधनों और निवेश जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को गति देने पर फोकस रहेगा। राष्ट्रपति जेवियर माइली के साथ होने वाली बातचीत को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

6-7 जुलाई को प्रधानमंत्री ब्राज़ील के रियो डी जनेरियो में ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेंगे

6-7 जुलाई को प्रधानमंत्री ब्राज़ील के रियो डी जनेरियो में ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेंगे। भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के इस संगठन में भारत की भूमिका लगातार सशक्त होती जा रही है। सम्मेलन के दौरान बहुपक्षीय वैश्विक व्यवस्थाओं में संतुलन, न्याय और शांति पर केंद्रित विमर्श होगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ब्रासीलिया में राष्ट्रपति लुइज़ इनासिओ लूला दा सिल्वा से द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।

प्रधानमंत्री 8-9 जुलाई को राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह से मुलाकात करेंगे

इस यात्रा का अंतिम चरण नामीबिया में होगा, जहां प्रधानमंत्री 8-9 जुलाई को राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह से मुलाकात करेंगे और संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। भारत और नामीबिया की साझेदारी केवल विकास तक सीमित नहीं, बल्कि उपनिवेशवाद के विरुद्ध साझा संघर्ष और स्वतंत्रता की विरासत से भी जुड़ी हुई है। इस दौरे से क्षेत्रीय सहयोग का एक नया ढांचा सामने आने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री की यह बहुआयामी यात्रा वैश्विक दक्षिण के साथ भारत के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है

प्रधानमंत्री की यह बहुआयामी यात्रा वैश्विक दक्षिण के साथ भारत के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह दौरा न केवल अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में भारत की उपस्थिति को सशक्त करेगा, बल्कि ब्रिक्स, इकोवास, अफ्रीकी संघ और कैरिकॉम जैसे संगठनों के साथ भारत के संबंधों को भी नई मजबूती देगा।

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