डॉग रजिस्ट्रेशन के लिए नागरिक कर रहे नगर निगम का सहयोग

Rashtriya Shikhar
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Citizens are cooperating with the Municipal Corporation for dog registration IMAGE CREDIT TO NAGAR NIGAM

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम शहर 2 एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का संचालन कर रहा है, जिसमें प्रति महा 1500 से अधिक स्टेरलाइजेशन की कार्यवाही को पूर्ण किया जा रहा है। श्वान बध्याकरण तथा एंटी रेबीज वैक्सीनेशन की कार्यवाही को तेज करने के लिए गाजियाबाद नगर निगम जन-जन को भी जागरूक कर रहा है।विभाग द्वारा डॉग रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही को भी रफ्तार दी जा रही है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारी तथा पार्षदों के साथ मिलकर डॉग रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। नगर निगम सीमा अंतर्गत केवल एक ही एबीसी सेंटर संचालित था, वहीं नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की योजना के क्रम में दो एबीसी सेंटर वर्तमान में चल रहे है। वहीं तीसरे एबीसी सेंटर को तैयार करने का कार्य भी रफ्तार से किया जा रहा है, जिसकी मॉनिटरिंग उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कर रहे है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि श्वान बध्याकरण शहर के नागरिकों के लिए बहुत ही जरूरी है, जिसको ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद नगर निगम टीम व अधिकारी योजना बनाते हुए उसको बढ़ा रहे है। नंदी पार्क स्थित एबीसी सेंटर के माध्यम से प्रति महा 500 से 600 श्वान का टीकाकरण व स्टेरलाइजेशन किया जाता था, वही पुराना बस अड्डे के पीछे बने दूसरे एबीसी केंद्र होने पर 1500 से अधिक श्वान का आंकड़ा पार हो रहा है। इसके अलावा भी गाजियाबाद नगर निगम घर-घर जाकर डॉग रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही को पूर्ण कर रहा है। निवासी ऑनलाइन सुविधा का भी लाभ उठा रहे है किंतु नगर निगम की टीम सोसाइटी में पहुंचकर डॉग रजिस्ट्रेशन तथा वैक्सीनेशन को बढ़ावा दे रही है। 311 एप तथा जीएमसी एप्प के माध्यम से सरलता से डॉग रजिस्ट्रेशन हो रहे है। यूजर एप्प के माध्यम से अपने श्वान का सरलता से रजिस्ट्रेशन कर सकते है।
डॉ. अनुज उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम श्वान बध्यकरण की कार्यवाही को अधिक बढ़ाते हुए जनहित में कार्य कर रहा है, जिसमें प्रति महा 1500 से अधिक डॉग का स्टेरलाइजेशन किया जा रहा है। सिद्धार्थ विहार में तीसरे एबीसी सेंटर की शुरुआत भी जल्दी ही होगी, जिससे 2500 से अधिक श्वान का बध्यकरण प्रति महा किया जा सकेगा।

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