ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। नोएडा हाट सेक्टर 33ए में दस दिनों तक चले यू०पी० ट्रेड शो स्वदेशी मेला 2025 ने समापन दिवस पर उत्सव का रंग बिखेर दिया। इस रंगारंग समापन समारोह की अध्यक्षता असिस्टेंट कमिश्नर उत्तर प्रदेश राजेन्द्र कुमार ने की। कार्यक्रम के दौरान यूपिकॉन कंसल्टेंट पंकज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
वन जनपद वन उत्पाद मेले में राजेन्द्र कुमार की सराहना: कारीगरों और महिला समूहों के हुनर को मिली पहचान
राजेन्द्र कुमार ने मेले में सजे वन जनपद वन उत्पाद (ओडीओपी), हस्तशिल्प, हथकरघा, माटी कला, लकड़ी शिल्प, रेडीमेड वस्त्र, घरेलू उत्पादों और स्वयं सहायता समूहों के स्टालों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने शिल्पियों, उद्यमियों और महिला समूहों से बातचीत कर उनके उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले न सिर्फ कारीगरों के हुनर को मंच देते हैं बल्कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान भी प्रदान करते हैं।
समापन अवसर पर असिस्टेंट कमिश्नर ने सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिल्पियों एवं उद्यमियों को विशेष सम्मान से नवाजा। उन्होंने कहा कि स्वदेशी मेला प्रदेश की आत्मनिर्भरता और परिश्रम की जीवंत झलक है, जिसने लोकल उत्पादों को नई पहचान और ऊर्जा दी है।
स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी में धमाल: 10 दिन के मेले में हुई 1.5 करोड़ की बिक्री, कारीगरों के लिए बड़ी सफलता
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दस दिनों तक चले इस आयोजन में हजारों लोगों ने स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी कर लोकल के लिए वोकल अभियान को नई दिशा दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लाइव प्रदर्शन और पारंपरिक कला कार्यशालाएँ मेले की शोभा बनीं। मेले के दौरान रुपये 1,53,72,565 की कुल बिक्री दर्ज हुई, जो कारीगरों और उद्यमियों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
उपायुक्त उद्योग अनिल कुमार ने बताया कि यह 10 दिवसीय स्वदेशी मेला प्रदेश के शिल्पियों और उद्यमियों के लिए व्यापारिक अवसरों का मजबूत मंच बना है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों में वैश्विक बाजार तक पहुँचने की क्षमता है।
स्वदेशी भावना और आत्मनिर्भर भारत के संदेश के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन न केवल व्यापारिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि लोक संस्कृति, परंपरा और नवाचार के अद्भुत संगम के रूप में भी यादगार बन गया।

