गाजियाबाद (शिखर समाचार)|
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के निर्देशन में तथा प्रवर्तन जोन-02 की टीम के नेतृत्व में 02 दिसम्बर को मुरादनगर क्षेत्र में अवैध कॉलोनाइज़िंग के खिलाफ व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई लगभग 50 बीघा भूमि पर फल-फूल रही अवैध गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से की गई।
अनाधिकृत कॉलोनियों पर कार्रवाई: बसन्तपुर सैतली और नवीपुर क्षेत्रों में अवैध निर्माणों का निरीक्षण
अभियान के दौरान ग्राम बसन्तपुर सैतली, नवीपुर क्वा, पाइपलाइन रोड तथा नवीपुर बम्बा रोड क्षेत्र में चल रही अनाधिकृत कॉलोनियों का निरीक्षण किया गया, जहां बिना स्वीकृत मानचित्र के मिट्टी भराई, सड़क निर्माण, बाउंड्रीवॉल, सीमांकन दीवार तथा साइट ऑफिस आदि तैयार किए जा रहे थे। इनमें
खसरा संख्या 555, ग्राम बसन्तपुर सैतली करीब 8000 वर्गमीटर क्षेत्र में सड़कों हेतु दीवार निर्माण।
खसरा संख्या 27, ग्राम नवीपुर, पाइपलाइन रोड लगभग 10,000 वर्गमीटर क्षेत्र में मिट्टी भराई और सड़कों हेतु चिनाई कार्य।
खसरा संख्या 20, नवीपुर बम्बा रोड, दुहाई करीब 20,000 वर्गमीटर भूमि पर सड़क हेतु मिट्टी भराई, चारदीवारी और साइट ऑफिस निर्माण।
प्रवर्तन टीम ने अवैध निर्माण ध्वस्त किए: विरोध के बावजूद कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी
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प्रवर्तन टीम ने सभी अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। कार्यवाही के दौरान कॉलोनाइज़र व निर्माणकर्ताओं ने विरोध करने का प्रयास भी किया, लेकिन प्राधिकरण प्रवर्तन दल व पुलिस बल की प्रभावी तैनाती के चलते पूरी कार्रवाई बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न हुई। इस संयुक्त अभियान में सहायक अभियंता राजीव कुमार, अवर अभियंता योगेश वर्मा, प्रवर्तन जोन-02 का स्टाफ एवं पुलिस बल मौजूद रहा।
प्राधिकरण के मीडिया प्रभारी रूद्रेश कुमार शुक्ला ने बताया है कि आने वाले माह में भी इसी प्रकार का सख्त ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।

प्राधिकरण ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि उपरोक्त क्षेत्रों में विकसित की जा रही कॉलोनियाँ पूर्णतः अवैध हैं और किसी भी प्रकार का मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं है, जो यूपी नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 का स्पष्ट उल्लंघन है तथा दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
ऐसी कॉलोनियों में भूखण्ड या भवन का क्रय-विक्रय पूरी तरह गैर-कानूनी है। यदि कोई व्यक्ति ऐसा सौदा करता है तो उससे होने वाली आर्थिक हानि, धोखाधड़ी और कानूनी परिणामों के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा, तथा प्राधिकरण उसके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई करेगा।
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति का सौदा करने से पहले उसकी वैधता और मानचित्र स्वीकृति की जांच अवश्य करें तथा अवैध कॉलोनियों से दूरी बनाए रखें।
