ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आमका और बिसरख गांव के डूब क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बुल्डोजर चलाया। प्राधिकरण की टीम ने आमका में करीब 15 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है। साथ ही बिसरख के डूब क्षेत्र में बने तीन अवैध मकानों को भी ध्वस्त कर दिया गया।
आमका और बिसरख में अवैध निर्माण को ध्वस्त किया
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को यह कार्रवाई की गई। डूब क्षेत्र में कुछ कालोनाइजर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर कॉलोनी बसाने की कोशिश कर रहे थे। सूचना मिलने के बाद प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को ध्वस्त करते हुए जमीन को कब्जे से मुक्त करा लिया।
प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने बताया कि ग्राम आमका के खसरा संख्या 295, 296, 297, 298 और 299 की जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। परियोजना विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम चौधरी के नेतृत्व में प्रबंधक रोहित गुप्ता व वर्क सर्किल 2 की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को गिरा दिया। यह कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली।
बिसरख के डूब क्षेत्र में तीन मकानों को ध्वस्त किया
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वर्क सर्किल 3 के प्रभारी प्रभात शंकर, मैनेजर प्रशांत समाधिया और उनकी टीम ने बिसरख के डूब क्षेत्र में निर्माणाधीन तीन मकानों को भी ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी भी मौके पर तैनात रहे।
प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से पूरी जानकारी जरूर प्राप्त करें और अवैध कॉलोनियों में अपनी गाढ़ी कमाई लगाने से बचें।
