आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की वसुंधरा योजना में नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण करने वाले बिल्डरों के खिलाफ परिषद ने आज बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। भवन संख्या 11/372 और 5/745 में बिल्डरों द्वारा किए गए अवैध निर्माण को टीम निर्माण खण्ड 1 ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचकर ध्वस्त कर दिया।
नक्शा ताक पर, सरकारी जमीन पर था कब्जा
इन दोनों भवनों के निर्माणकर्ताओं ने स्वीकृत नक्शे की मर्यादा को पूरी तरह लांघ दिया था। बिल्डरों ने न केवल पूर्ण सेट बैक को कवर कर लिया था, बल्कि सार्वजनिक उपयोग की ‘डेड एंड’ की भूमि को भी अवैध कब्जे में ले लिया था। परिषद की फील्ड यूनिट पिछले कई दिनों से इस निर्माण को रोकने का प्रयास कर रही थी, लेकिन बिल्डरों के रसूख और पुलिस बल की कमी के कारण बाधा आ रही थी।
बिल्डर लॉबी ने घेरा, टीम ने नहीं फेरा पैर
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आज जैसे ही पुलिस फोर्स उपलब्ध हुई, परिषद की टीम ने मोर्चा संभाल लिया। कार्रवाई शुरू होते ही बिल्डर लॉबी ने लामबंद होकर टीम का रास्ता रोकने की कोशिश की और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। लेकिन आवास विकास की टीम ने अदम्य साहस दिखाते हुए विरोध को धता बता दिया और ‘ताबड़तोड़’ तरीके से अवैध ढांचों को गिराना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बिल्डरों के अवैध मंसूबे मलबे में तब्दील हो गए।
अधीक्षण अभियंता अजय कुमार मित्तल का कड़ा रुख
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कार्रवाई के पश्चात अधीक्षण अभियंता अजय कुमार मित्तल ने दो टूक शब्दों में भू माफियाओं को चेतावनी दी। उन्होंने कहा: आवास विकास परिषद की संपत्तियों और आवंटित भूखंडों पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण या मानचित्र के विपरीत निर्माण स्वीकार्य नहीं है। वसुंधरा में इन भवनों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण के आदेश पहले ही जारी हो चुके थे। बिल्डर लॉबी ने आज कार्रवाई में बाधा डालने का पूरा प्रयास किया, लेकिन हमारी टीम ने डटकर मुकाबला किया और अवैध हिस्से को ढहा दिया। भविष्य में भी ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि के खिलाफ हमारा अभियान शून्य सहनशीलता के साथ जारी रहेगा।
