ब्रिटेन 2027 में फिर से जुड़ रहा है यूरोपीय संघ के इरास्मस छात्र विनिमय कार्यक्रम से

Rashtriya Shikhar
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Britain is rejoining the EU's Erasmus student exchange programme in 2027 IMAGE CREDIT TO एआई इमेज

अरणि गौड़
(यूके संवाददाता)

लंदन (शिखर समाचार) ब्रिटेन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि वह वर्ष दो हजार सत्ताईस से यूरोपीय संघ के प्रसिद्ध छात्र विनिमय कार्यक्रम इरास्मस में दोबारा शामिल होगा। यह फैसला ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के बाद शिक्षा और युवाओं से जुड़ा सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक अनुभव के नए रास्ते खुलेंगे।

ब्रेक्सिट के बाद इरास्मस से बाहर, अब छात्रों की वापसी की उम्मीद जग रही

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ब्रिटेन वर्ष दो हजार बीस में यूरोपीय संघ से अलग हो गया था, जिसके बाद उसने इरास्मस कार्यक्रम में भाग लेना बंद कर दिया था। उस समय सरकार ने इसकी जगह एक घरेलू योजना शुरू की थी, लेकिन शिक्षा विशेषज्ञों और छात्रों का मानना था कि वह योजना यूरोपीय देशों में पढ़ने और रहने के व्यापक अवसर नहीं दे पाई। लंबे समय से छात्र संगठन और विश्वविद्यालय ब्रिटेन की इरास्मस में वापसी की मांग कर रहे थे।

सरकार के अनुसार इरास्मस कार्यक्रम में वापसी से ब्रिटेन के छात्र फिर से यूरोप के विभिन्न देशों के विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई, शोध और प्रशिक्षण कर सकेंगे। इसके साथ ही यूरोपीय देशों के छात्र भी ब्रिटेन आकर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल शैक्षणिक स्तर ऊंचा होगा, बल्कि युवाओं के बीच सांस्कृतिक समझ और आपसी सहयोग भी बढ़ेगा।

ब्रिटेन की इरास्मस वापसी: आर्थिक सहायता के साथ एक लाख से अधिक छात्रों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय अनुभव

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ब्रिटेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के लिए वह बड़ी धनराशि उपलब्ध कराएगी, ताकि छात्रों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। अनुमान है कि पहले ही वर्ष में एक लाख से अधिक छात्र और युवा शिक्षार्थी इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो सकेंगे। विश्वविद्यालयों और शिक्षा संस्थानों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटेन की शिक्षा प्रणाली की प्रतिष्ठा मजबूत होगी।

राजनीतिक दृष्टि से भी इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच रिश्तों को सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। सरकार ने जोर देकर कहा है कि यह फैसला देश की युवा पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि उन्हें वैश्विक अनुभव, नई भाषाएं सीखने और अंतरराष्ट्रीय वातावरण में काम करने का अवसर मिल सके। कुल मिलाकर इरास्मस कार्यक्रम में वापसी को ब्रिटेन के छात्रों के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है, जो शिक्षा, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में देश को फिर से यूरोप के करीब लाएगा।

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