आरव शर्मा
लखनऊ/गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लाखों आवंटियों और बकायेदारों को बड़ी राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस), 2026 के प्रभावी संचालन के लिए कमर कस ली है। आवास बंधु उत्तर प्रदेश द्वारा इस संबंध में प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों को कड़े दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित बकाये का निस्तारण करना और मध्यम वर्गीय आवंटियों को भारी जुर्माने व ब्याज से मुक्ति दिलाना है।
एक माह तक चलेगा विशेष जागरूकता अभियान
शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, शासनादेश लागू होने के एक माह के भीतर सभी प्राधिकरणों को योजना का व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है। अब प्राधिकरण केवल नोटिस भेजने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ईमेल, एसएमएस, व्यक्तिगत पत्राचार और विशेष शिविरों के माध्यम से सीधे आवंटियों से संपर्क करेंगे। शहर के प्रमुख चौराहों पर होर्डिंग्स और बैनर लगाकर लोगों को योजना की अंतिम तिथि और मिलने वाले लाभों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट से होगी मॉनिटरिंग
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योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए, इसके लिए जवाबदेही तय कर दी गई है। सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रारूप पर प्रगति रिपोर्ट भेजनी होगी।
- 28 मार्च, 2026: प्रारंभिक कार्यवाही की सूचना देने की अंतिम तिथि
- साप्ताहिक समीक्षा: 04 अप्रैल, 11 अप्रैल और 18 अप्रैल को प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की सक्रियता
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प्रदेश स्तर पर जारी निर्देशों के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को सक्रिय कर दिया है। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्राधिकरण की सभी योजनाओं के प्रभारी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र का कोई भी पात्र आवर्ती इस योजना से वंचित न रह जाए। लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के लिए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
मूल्यांकन के लिए बनेगा डेटाबेस
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योजना के तहत केवल शिविर लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आयोजित गतिविधियों, लगाए गए होर्डिंग्स और लाभान्वित हुए लोगों का विस्तृत विवरण भी संकलित किया जाएगा। इससे शासन स्तर पर यह मूल्यांकन किया जा सकेगा कि किस जिले या प्राधिकरण ने योजना को लागू करने में कितनी सफलता प्राप्त की है।
