नोएडा (शिखर समाचार)। नोएडा विकास प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास और किसानों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। 6 अप्रैल 2026 को हुई इस बैठक में प्राधिकरण ने आवासीय और औद्योगिक भूखंडों के मिश्रित उपयोग (मिश्रित उपयोग) को मंजूरी दे दी है।
इस निर्णय के लागू होने से प्राधिकरण द्वारा आवंटित आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों में गतिविधियों का दायरा बढ़ेगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों के लिए ‘भवन नियमावली 2010’ के चैप्टर-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पूर्ववर्ती नियम ही लागू रहेंगे।
ग्रामीणों को मिलेगी राहत
ग्रामीण आबादी क्षेत्र में किसानों के लिए भवन निर्माण नियमावली को सरल और सुलभ बनाने की तैयारी है। इसके लिए प्राधिकरण ने आम जनता से आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए हैं। एक विशेष समिति इन सुझावों का परीक्षण करेगी, जिसके बाद नई नीति निर्धारित की जाएगी।
70 किसानों के भूखंड आवंटन का रास्ता साफ
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साल 2010 से 2023 के बीच करीब 70 किसानों ने 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के लिए धनराशि जमा की थी। बोर्ड ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उन किसानों की सूची और आवश्यक भूमि का विवरण तैयार करें जो समतुल्य धनराशि पर सहमत हैं।
न्यू नोएडा में जमीन खरीद के नए रेट
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डीएनजीआईआर (न्यू नोएडा) में आपसी समझौते के आधार पर जमीन खरीदने के लिए अब ‘यमुना विकास प्राधिकरण’ (येइडा) के बराबर भू दरें लागू करने के प्रस्ताव पर बोर्ड ने सहमति दे दी है। इससे जमीन देने वाले किसानों को बेहतर मुआवजा मिल सकेगा।
विधायक पंकज सिंह की पहल
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नोएडा विधायक पंकज सिंह और प्राधिकरण अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद किसानों के विभिन्न लंबित मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू हो गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आगामी बोर्ड बैठक में इन मुद्दों के ठोस समाधान के साथ रिपोर्ट पेश करें।
प्राधिकरण बोर्ड का लक्ष्य शहर के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों के हितों की रक्षा करना है। नियमों के सरलीकरण से ग्रामीणों को अपना घर बनाने में आसानी होगी।
