बिजनौर (शिखर समाचार) दिल्ली पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य के बीच अंडरपास न बनाए जाने से आक्रोशित बंगाली समाज के लोगों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन पर लापरवाही और पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप: अंडरपास निर्माण में हुई भारी अनियमितताएं, जनसुरक्षा खतरे में
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दीपक कुमार, बाबू अधिकारी और पंकज अधिकारी ने कहा कि मार्ग निर्माण में भारी अनियमितताएं की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन स्थानों पर यातायात का दबाव बेहद कम है, वहां तो अंडरपास बना दिए गए, लेकिन जहां से रोजाना हजारों लोगों का आना जाना होता है, उस इलाके को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उनका कहना था कि यह सीधे तौर पर जनसुरक्षा से खिलवाड़ है।
बंगाली समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि जिस स्थान पर अंडरपास की मांग की जा रही है, वहीं से हेमराज कॉलोनी समेत दर्जनों गांवों का मुख्य रास्ता गुजरता है। अंडरपास न होने की स्थिति में ग्रामीणों को या तो तेज रफ्तार राजमार्ग पार कर अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ेगी या फिर कई किलोमीटर लंबा चक्कर काटना मजबूरी बन जाएगा। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी होगी।
प्रदर्शनकारियों की चेतावनी: मांगें न माने तो आंदोलन होगा व्यापक और उग्र
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प्रदर्शन में शामिल नेपाल मंडल, सपन प्रधान और गोविंद प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल बंगाली समाज का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों का मुद्दा है, इसलिए इसे हल्के में न लिया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के उच्चाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करें और प्रस्तावित स्थल पर अंडरपास का निर्माण तुरंत सुनिश्चित कराया जाए। इस दौरान दीपक कुमार, बाबू अधिकारी, पंकज अधिकारी, नेपाल मंडल, सपन प्रधान, गोविंद प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक अंडरपास का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
