अहिल्या बाई होलकर की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण को लेकर बघेल समाज का प्रदर्शन

Rashtriya Shikhar
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Baghel Community Stages Protest Over Preservation of Ahilya Bai Holkar’s Historic Heritage IMAGE CREDIT TO REPORTER

जेवर/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) जेवर क्षेत्र के गांव बेगमाबाद में रविवार को बघेल समाज के लोगों ने काशी में स्थित मणिकर्णिका घाट को तोड़े जाने के विरोध में एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह घाट लोकमाता अहिल्या बाई होलकर द्वारा निर्मित कराया गया था, जिसे समाज के लोग आस्था, संस्कृति और इतिहास से जुड़ी अमूल्य धरोहर मानते हैं। घाट के ध्वस्तीकरण की सूचना मिलते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और समाज के लोगों ने इसे पुनः निर्मित कराए जाने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।

अहिल्या बाई होलकर का अमूल्य योगदान और मणिकर्णिका घाट तोड़ने पर समाज में आक्रोश

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प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अहिल्या बाई होलकर ने अपने जीवनकाल में देश के विभिन्न हिस्सों में बिना किसी भेदभाव के मंदिरों, घाटों और धर्मस्थलों का निर्माण कराया। उनका योगदान केवल धार्मिक निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवता के मूल्यों को मजबूत करने वाला रहा है। ऐसे में उनके द्वारा बनवाए गए प्राचीन मणिकर्णिका घाट को तोड़ा जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।

बघेल समाज ने ऐतिहासिक घाट के पुनर्निर्माण की सरकार से तत्काल मांग की

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बघेल समाज के प्रतिनिधि बलराम बघेल ने कहा कि प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक घाट को हटाया जाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज इस धरोहर के पुनर्निर्माण तक शांत नहीं बैठेगा। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि काशी की इस ऐतिहासिक पहचान को पूर्व स्वरूप में फिर से तैयार कराया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी लोकमाता अहिल्या बाई होलकर के योगदान को जान सकें। प्रदर्शन में होलकर सेना के रामोधनगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष, रामवीर, बॉबी जिला अध्यक्ष, बनराम जिला अध्यक्ष संयोजन, गोविंदा, रमेश वाघेल सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा और अहिल्या बाई होलकर की स्मृति से जुड़े स्थलों के संरक्षण की मांग की।

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