हापुड़/पिलखुवा (शिखर समाचार)
डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार के महत्व को रेखांकित करते हुए सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस के तत्वावधान में साइबर क्राइम और साइबर सेफ्टी, साइबर जागृत भारत विषय पर एक सारगर्भित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सिम्स ऑडिटोरियम में किया।
साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान: छात्रों और पेशेवरों को डेटा सुरक्षा की सीख
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और स्वास्थ्य पेशेवरों में साइबर सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना तथा व्यक्तिगत व संस्थागत डेटा की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियातों की जानकारी देना था।
यह आयोजन कॉलेज की प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर. मनोहारी के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि उप प्राचार्य प्रो. केतन शर्मा ने सह संयोजक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में नर्सिंग व पैरामेडिकल के विद्यार्थियों, फैकल्टी सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रो. आर. मनोहारी का संदेश: स्वास्थ्य में डिजिटल साक्षरता उतनी ही जरूरी जितना चिकित्सा ज्ञान
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प्राचार्य प्रो. आर. मनोहारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आज डिजिटल साक्षरता चिकित्सा ज्ञान जितनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो न सिर्फ कुशल हों बल्कि डिजिटल रूप से जिम्मेदार भी बनें।
उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक डिजिटल नागरिक बनने और व्यक्तिगत व संस्थागत डेटा की सुरक्षा को अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानने का संदेश दिया।
डिजिटल जागरूकता का संदेश: सतर्कता और जिम्मेदारी से साइबर अपराधों से सुरक्षा
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प्रो. जयप्रिया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए साइबर सेल, हापुड़ से आए संसाधन व्यक्तियों के योगदान की सराहना की।
जीएम (प्रशासन) नंजप्पा गौडर वरधराजन ने कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता, सतर्कता और जिम्मेदारी ही साइबर अपराधों से बचाव की सबसे बड़ी ढाल है।
इसके बाद निदेशक (प्रशासन) आर. दत्त ने संस्थागत स्तर पर डिजिटल जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य सत्र में सब-इंस्पेक्टर शालिनी यादव और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार ने प्रतिभागियों को साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने साइबर बुलिंग, पहचान की चोरी, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फिशिंग और डेटा सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य प्रतिभागियों को साइबर खतरों की पहचान, रिपोर्टिंग और रोकथाम के लिए सक्षम बनाना तथा साइबर जागृत भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भूमिका को प्रोत्साहित करना था।
