उत्तराखंड की अस्मिता पर किसी भी प्रकार का प्रहार स्वीकार नहीं : करण माहरा

Rashtriya Shikhar
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Any kind of attack on the identity of Uttarakhand is not acceptable: Karan Mahara IMAGE CREDIT REPORTER

नई दिल्ली (शिखर समाचार) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य करण माहरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड की पहचान, सम्मान और स्वाभिमान पर होने वाला कोई भी हमला सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती संघर्ष, बलिदान और मातृशक्ति के सम्मान से बनी है, इसे कमजोर करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ राज्यवासी एकजुट होकर खड़े होंगे।

उत्तराखंड आंदोलन के अमर सेनानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, नेताओं ने स्मृतियों को किया नमन

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करण माहरा दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। यह सभा उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे उत्तराखंड क्रांति दल के नेता दिवंगत फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट तथा भाकपा (माले) के नेता राजा बहुगुणा की स्मृति में आयोजित की गई थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने की।

श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और राज्य आंदोलन से जुड़े अनेक वरिष्ठ लोगों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं में भारतीय जनता पार्टी के विधायक किशोर उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार दाताराम चमोली, सुरेश नौटियाल, देव सिंह रावत, राज्य आंदोलनकारी एवं कांग्रेस के पूर्व सचिव हरिपाल रावत, दिल्ली चिन्हित आंदोलनकारी समिति के अध्यक्ष मनमोहन शाह, संरक्षक अनिल पत, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा उमा जोशी, महासचिव पुष्पा घुघतयाल, प्रख्यात बुद्धिजीवी डॉक्टर प्रेम बहुखंडी, राज्य आंदोलनकारी व नाटककार खुशाल सिंह बिष्ट सहित अनेक लोग शामिल रहे।

उत्तराखंड आंदोलन के महानायक के रूप में याद किए गए दिवाकर भट्ट, योगदान को बताया ऐतिहासिक और प्रेरणास्रोत

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सभी वक्ताओं ने एक स्वर में दिवाकर भट्ट के उत्तराखंड राज्य आंदोलन में दिए गए योगदान को ऐतिहासिक बताया। किशोर उपाध्याय और हरिपाल रावत ने कहा कि दिवाकर भट्ट ने आंदोलन को नई दिशा और कई निर्णायक मोड़ दिए। धीरेंद्र प्रताप ने उन्हें उत्तराखंड आंदोलन का महानायक बताते हुए कहा कि उनका योगदान महात्मा गांधी की तरह प्रेरणादायी रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्ग दिखाता रहेगा।

भाकपा (माले) के नेता पुरुषोत्तम शर्मा ने राजा बहुगुणा के संघर्ष को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन के श्रेष्ठ वर्ष उत्तराखंड आंदोलन तथा गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने में लगा दिए। उत्तराखंड क्रांति दल के नेता विनोद रावत ने दिवाकर भट्ट को जुझारू, निडर और सिद्धांतों पर अडिग रहने वाला नेता बताया।

अंकिता हत्याकांड पर फूटा आक्रोश, मातृशक्ति के सम्मान की रक्षा का लिया गया दृढ़ संकल्प

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सभा के दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के नाम सामने आने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। चूंकि श्रद्धांजलि सभा में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस सहित अनेक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे, इसलिए इस विषय पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक श्रद्धांजलि सभा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और मातृशक्ति के सम्मान की रक्षा का संकल्प भी है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड का निर्माण किसी भी रूप में महिलाओं के अपमान को सहन करने के लिए नहीं हुआ है और इसके लिए मातृशक्ति ने भारी कुर्बानियां दी हैं।

सभा के अंत में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर अंकिता भंडारी हत्याकांड के दोषियों को कठोरतम दंड देने की मांग की गई। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि नए वर्ष में दिल्ली में एक विशाल जन प्रदर्शन आयोजित कर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने की मांग को और मजबूत किया जाएगा। अध्यक्षीय संबोधन में धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि उत्तराखंड का समाज अपनी मां-बहनों की गरिमा पर हमला करने वालों को कभी क्षमा नहीं कर सकता और न्याय की लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।

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