नई दिल्ली (शिखर समाचार) भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 8 जनवरी को दिल्ली कैंट स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर के गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दौरा किया। इस अवसर पर तीनों सेनाओं थल सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़े एनसीसी कैडेटों ने उन्हें औपचारिक सलामी दी। इसके पश्चात राजस्थान के पिलानी स्थित बिड़ला बालिका विद्यालय की बालिका कैडेटों द्वारा सुमधुर वाद्य वृंद प्रस्तुति दी गई, जिसने वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
एनसीसी कैडेट्स की क्रिएटिविटी और गौरव गाथा पर वायुसेना प्रमुख की नजर
दौरे के दौरान वायुसेना प्रमुख ने शिविर परिसर में स्थापित ध्वज क्षेत्र का अवलोकन किया, जिसे देशभर के सत्रह एनसीसी निदेशालयों के कैडेटों ने विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों पर सजाया था। इसके बाद उन्होंने एनसीसी की उपलब्धियों और गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाले ‘गौरव कक्ष’ का भी भ्रमण किया।
कैडेटों को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारत के युवाओं पर गहरा विश्वास जताया और राष्ट्र निर्माण में राष्ट्रीय कैडेट कोर की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, देशभक्ति और नैतिक मूल्यों का विकास कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाती है। उन्होंने बताया कि देशभर में फैला एनसीसी विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन है, जिसमें बीस लाख से अधिक कैडेट सक्रिय हैं, जिनमें लगभग चालीस प्रतिशत बालिकाएं हैं।
वायुसेना प्रमुख का संदेश: कैडेट्स सिर्फ वर्दी नहीं, हर क्षेत्र में राष्ट्रप्रेम और अडिग जज़्बा
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वायुसेना प्रमुख ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान एनसीसी कैडेटों की सक्रिय सहभागिता तथा विभिन्न सरकारी जनकल्याण अभियानों में उनके योगदान की भी प्रशंसा की। उन्होंने कैडेटों से आह्वान किया कि वे वर्दी तक सीमित न रहकर जीवन के हर क्षेत्र में राष्ट्रप्रेम को आत्मसात करें और निरंतर आगे बढ़ने का जज़्बा बनाए रखें। उन्होंने ‘कभी हार न मानने’ की सोच को जीवन का मूल मंत्र बनाने पर बल दिया।
गणतंत्र दिवस शिविर के महत्व को रेखांकित करते हुए एयर चीफ मार्शल ने वर्ष 2026 के शिविर के लिए चयनित कैडेटों को बधाई दी और कहा कि यह अवसर उन्हें अपने अपने निदेशालयों का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्रदान करता है। कार्यक्रम के अंत में एनसीसी कैडेटों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी का मन मोह लिया। सामूहिक गीत, नृत्य नाटिका और समूह नृत्य के माध्यम से भारत की विविध और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसकी वायुसेना प्रमुख सहित उपस्थित अतिथियों ने भूरि भूरि प्रशंसा की।

