हापुड़ (शिखर समाचार)
हापुड़ देहात क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग के साथ पड़ोसी युवक द्वारा छेड़छाड़ और उसके बाद आत्महत्या के प्रयास ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। दुखद परिस्थितियों में नाबालिग की मौत के बाद डीआइजी के निर्देश पर थाने के प्रभारी और चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया और आरोपी को पुनः गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया।
अकेली बच्ची के साथ जंगल में आरोपी ने किया शर्मनाक वारदात, आरोपी फरार
जानकारी के अनुसार असौड़ा गांव निवासी महिला ने बताया कि उनके पड़ोसी इंद्रपाल नियमित रूप से उनके घर दूध लेने आता था। तीन अक्टूबर की सुबह महिला अपनी बड़ी बेटी के साथ पशुओं के चारे के लिए जंगल गई हुई थी, जबकि उनकी छोटी बेटी घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी ने नाबालिग को अकेला देखकर जबरन घर में प्रवेश किया और छेड़छाड़ की। पीड़िता के शोर मचाने पर आरोपी फरार हो गया।
मां की तहरीर पर पुलिस ने सात अक्टूबर को एफआईआर दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। लेकिन छेड़छाड़ वाले दिन ही किशोरी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। पड़ोसियों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे मेरठ के अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। इलाज के दौरान नाबालिग की मौत हो गई।
डीआइजी के निर्देश पर एसपी ने दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड, हत्या की सूचना छुपाने का आरोप
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डीआइजी कलानिधि नैथानी के आदेश पर एसपी हापुड़ कुंवर ज्ञान्जय सिंह ने थाना प्रभारी विजय कुमार गुप्ता और साइलो चौकी द्वितीय प्रभारी जसवंत को सस्पेंड कर दिया। एसपी ने बताया कि आरोपी इंद्रपाल को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। तीन अक्टूबर को यूपी-112 पर युवती द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना दी गई थी, लेकिन चौकी प्रभारी ने इस मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों और थाने को नहीं दी। इसके कारण घटना की रिपोर्ट चार दिन बाद दर्ज हो सकी।
पुलिस की लापरवाही ने मामले की गंभीरता को उजागर किया है। आरोपी की पुनः गिरफ्तारी और पुलिसकर्मियों का सस्पेंड और लाइन हाजिर होना इस दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दुखद घटना ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा और न्याय की मांग और भी तेज कर दी है।
