बिजनौर (शिखर समाचार) जिले में शीतलहर के तेज होते असर और लगातार गिरते तापमान को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह हरकत में दिखाई दिया। कड़ाके की ठंड के बीच सोमवार देर रात जिला प्रशासन की दो वरिष्ठ महिला अधिकारियों ने स्वयं सड़कों पर उतरकर व्यवस्थाओं की हकीकत जानी। जिलाधिकारी जसजीत कौर और अपर जिलाधिकारी प्रशासन अंशिका दीक्षित ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर रैन बसेरों, रेलवे स्टेशन और अलाव की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं की जांच की, बल्कि जरूरतमंद और बेसहारा लोगों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
ठंड में राहत की सख़्त पहल: रेलवे स्टेशन पर आश्रय व्यवस्थाओं का ज़मीनी निरीक्षण
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने उप जिलाधिकारी सदर रितु रानी के साथ बिजनौर रेलवे स्टेशन परिसर और उसके आसपास संचालित आश्रय स्थलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरों में बिछे बिस्तरों, कंबलों, साफ-सफाई की स्थिति और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को परखा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ठंड के इस मौसम में कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रात बिताने के लिए मजबूर न हो। उन्होंने रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और वहां ठहरे लोगों से बातचीत कर प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं पर उनकी राय भी जानी।
दूसरी ओर अपर जिलाधिकारी प्रशासन अंशिका दीक्षित ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार के साथ नगर के प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और रैन बसेरों के आसपास जल रहे अलावों का निरीक्षण किया। उन्होंने अलाव की व्यवस्था, लकड़ी की उपलब्धता और उसके नियमित संचालन की स्थिति देखी। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ठंड से बचाव के लिए शहर के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में लकड़ी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि राहगीरों, मजदूरों और असहाय लोगों को ठंड से राहत मिल सके।

निरीक्षण की विशेष बात यह रही कि दोनों महिला अधिकारियों ने आश्रय स्थलों में ठहरे लोगों के बीच जाकर जमीन पर बैठकर उनसे सीधे बातचीत की। उन्होंने लोगों से भोजन, कंबल, रहने की सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी ली तथा किसी भी समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। अधिकारियों की इस संवेदनशील और मानवीय पहल से रैन बसेरों में मौजूद लोगों में संतोष और सुरक्षा का भाव देखने को मिला।
प्रशासन की ओर से यह साफ संकेत दिया गया है कि शीतलहर के दौरान ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे और ठंड से बचाव की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहते हुए जरूरतमंदों को हर संभव राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
