मेरठ (शिखर समाचार)
महिला सुरक्षा और न्याय की दिशा में मेरठ परिक्षेत्र पुलिस ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत वर्ष 2025 में अब तक महिला अपराधों से जुड़े 215 प्रकरणों में 284 अभियुक्तों को सजा दिलाई जा चुकी है। पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि शासन और पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देशों के क्रम में परिक्षेत्र के सभी जनपदों में पुलिस, अभियोजन विभाग और मॉनिटरिंग सेल के संयुक्त प्रयासों से यह सफलता मिली है।
न्याय की राह में मिशन शक्ति 5.0 : महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 64 मामलों में सजा सुनिश्चित, 28 में हाल ही में दोषसिद्धि
उन्होंने कहा कि 01 जनवरी से 21 अक्टूबर 2025 के बीच महिला उत्पीड़न, दहेज हत्या, बलात्कार, छेड़छाड़ और पॉक्सो जैसे गंभीर अपराधों के 64 मामलों को चिन्हित कर प्रभावी पैरवी के माध्यम से न्यायालयों में सजा सुनिश्चित की गई। वहीं मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत पिछले एक माह में 28 मामलों में दोषसिद्धि प्राप्त हुई है।
जनपदवार आंकड़ों के अनुसार मेरठ जिले में 81 प्रकरण चिन्हित किए गए जिनमें 37 मामलों में 52 अभियुक्तों को सजा हुई, जबकि मिशन शक्ति के तहत 4 मामलों में निर्णय आया। बुलन्दशहर में 100 में से 99 प्रकरणों में 120 दोषियों को सजा मिली और 8 मामलों में मिशन शक्ति के अंतर्गत सजा सुनाई गई। बागपत में 33 में से 31 मामलों में 45 अभियुक्तों को दंड मिला और 6 प्रकरण मिशन शक्ति के दौरान निपटाए गए।
हापुड़ जिले में 50 प्रकरण चिन्हित किए गए जिनमें 48 में फैसला सुनाया गया और 67 आरोपियों को सजा हुई, इनमें से 10 मामले मिशन शक्ति के थे।
मिशन शक्ति 5.0 की कार्रवाई : जघन्य अपराधियों को आजीवन कारावास, महिलाओं के न्याय की मजबूत पहल
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/dig-naithani-conducted-a-strict-review/
पिछले एक माह के दौरान मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत दुष्कर्म और हत्या जैसे जघन्य अपराधों में कई दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इनमें मेरठ के थाना टीपीनगर में युवती की हत्या के आरोपी, थाना फलावदा क्षेत्र में किशोरी से दुष्कर्म कर हत्या करने वाला अपराधी, हापुड़ के पिलखुआ में पत्नी की हत्या करने वाला पति, बुलन्दशहर के कोतवाली नगर क्षेत्र में दुष्कर्म के दो आरोपी और नरौरा में एक दुष्कर्म आरोपी शामिल हैं सभी को आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा दी गई है।
इसी अवधि में 20 वर्ष व 10 वर्ष की कैद की सजा पाने वाले अभियुक्तों में मेरठ, हापुड़ और बुलन्दशहर जनपदों के कई अपराधी शामिल हैं। महिला थाना मेरठ क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले दो अभियुक्तों को 20-20 वर्ष की सजा हुई। हापुड़ के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में दो प्रकरणों में आरोपियों को 20 वर्ष की सजा सुनाई गई। बुलन्दशहर जिले के जहाँगीराबाद, ककोड, औरंगाबाद, डिबाई और खुर्जानगर थानों में दर्ज मामलों में 10 से 20 वर्ष तक की सजा सुनाई गई। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि महिला सुरक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस की शीर्ष प्राथमिकता में है। ऑपरेशन कन्विक्शन और मिशन शक्ति अभियानों का उद्देश्य है कि हर पीड़िता को त्वरित न्याय मिले और हर अपराधी को दंड मिले। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया की गति बढ़ाने और प्रभावी पैरवी के लिए अभियोजन विभाग के साथ तालमेल और भी मजबूत किया जा रहा है ताकि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दोषसिद्धि दर और बढ़ाई जा सके।
