बिजनौर (शिखर समाचार) जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। सदर तहसील में तैनात एक लेखपाल को अवैध धनराशि लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया गया। शिकायत के आधार पर की गई सुनियोजित कार्रवाई में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की मुरादाबाद इकाई ने यह कार्रवाई अंजाम दी, जिससे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया।
रिश्वत की साजिश का पर्दाफाश: गुप्त जांच से रंगे हाथ गिरफ्तारी तक
प्राप्त जानकारी के अनुसार सदर तहसील में कार्यरत लेखपाल रविंदर शर्मा पर एक प्रकरण में कार्य कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था। पीड़ित द्वारा मामले की सूचना दिए जाने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने पूरे घटनाक्रम की गुप्त रूप से जांच की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर विशेष दल का गठन किया गया और जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई।
निर्धारित योजना के अनुसार जैसे ही लेखपाल ने शिकायतकर्ता से पांच हजार रुपये की अवैध रकम स्वीकार की, मौके पर तैनात दल ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं और साक्ष्य संकलित किए गए। गिरफ्तारी के बाद आरोपी लेखपाल को शहर कोतवाली लाया गया, जहां उसके विरुद्ध विधिक प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि रिश्वतखोरी में संलिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि आमजन की शिकायतों पर सख्ती से कदम उठाए जाएंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
