बिजनौर (शिखर समाचार) बढ़ापुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में एक आवारा हाथी किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। बीते एक सप्ताह से जंगल से भटककर आया यह अकेला हाथी लगातार गन्ने और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुँचा रहा है। खेतों में डेरा जमाए यह हाथी गन्ने की फसल खा रहा है, जबकि गेहूं की फसल को पैरों से रौंदकर बर्बाद कर रहा है। किसानों का कहना है कि कई बार भगाने के प्रयास के बावजूद यह हाथी खेतों से जाने का नाम नहीं ले रहा।
हाथी का आतंक: बहेड़ी और आसपास के गांवों में फसलों को भारी नुकसान, किसान परेशान
क्षेत्र के बहेड़ी, रामजीवाला, मौजा पुरानवाला सहित कई गांवों की कृषि भूमि जंगलों से लगी हुई है, जहाँ अधिकतर किसानों ने गन्ना और गेहूं बोया हुआ है। किसानों के अनुसार यह हाथी उम्रदराज और कमजोर दिखाई देता है। दिन-भर एक खेत से दूसरे खेत में चक्कर लगाते हुए फसलों को भारी नुकसान पहुँचा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि हाथी गन्ने के खेतों में छिपकर बैठ जाता है और जब किसान उसे खदेड़ने की कोशिश करते हैं तो वह थोड़ी देर के लिए हटता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर वापस लौट आता है। गन्ने के खेतों में इसका लगातार डेरा जमाए रहना किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। कुंवर सिंह, राजाराम, वीरेंद्र सैनी, रंजीत सिंह, हरकेश सिंह, रघुवीर सिंह, तिलक सिंह, सोनू सैनी, महेंद्र सिंह और मगन सिंह सहित कई किसानों ने वन विभाग से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने और खेतों को उसके उत्पात से बचाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
