राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय का महाअभियान, 9 लाख 19 हजार से अधिक मामलों का हुआ समाधान

Rashtriya Shikhar
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A massive campaign for justice in the National Lok Adalat resolves over 919,000 cases IMAGE CREDIT TO INFORMATION DEPARTMENT

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
जनपद न्यायालय गौतमबुद्धनगर में 13 दिसंबर 2025 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने न्याय के त्वरित और सुलभ वितरण की दिशा में नया कीर्तिमान स्थापित किया। जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव के नेतृत्व एवं दिशा-निर्देशन में आयोजित इस लोक अदालत में कुल 9,19,672 वादों का निस्तारण किया गया, जबकि विभिन्न मामलों में 92 करोड़ 76 लाख 85 हजार 990 रुपये की समझौता एवं जुर्माना धनराशि प्राप्त हुई।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ, न्यायिक अधिकारियों ने लिया भाग

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राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायालय के सभागार में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें जनपद के समस्त न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में यह आयोजन दीवानी न्यायालय गौतमबुद्धनगर सहित तहसील स्तर पर भी संपन्न कराया गया।

अपर जिला जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्द्र मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद न्यायालय में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों द्वारा कुल 2,64,900 वादों का निस्तारण किया गया। प्री-लिटिगेशन स्तर पर राजस्व न्यायालय से 97,147 मामले, बैंकों से 399 मामले, विद्युत विभाग एनपीसीएल के 103 मामले, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के 4,182 मामले, श्रम न्यायालय के 950 मामले, पुलिस विभाग के 35,727 मामले, दूरसंचार विभाग बीएसएनएल के 19 मामले तथा यातायात विभाग के 4,52,136 मामलों का निस्तारण हुआ। इस प्रकार प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 6,54,772 मामलों का समाधान किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में हजारों वादों का निस्तारण: परिवार और वाणिज्य न्यायालयों में बड़ी संख्या में मामले सुलझाए गए

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न्यायालयवार विवरण के अनुसार जिला जज न्यायालय से 5 वाद, वाणिज्य न्यायालय प्रथम से 6 वाद, परिवार न्यायालय से 48 वाद, वाणिज्य न्यायालय द्वितीय से 13 वाद, भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण से 13 वाद, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से 22 वाद, विभिन्न अपर जिला जज न्यायालयों, पोक्सो न्यायालयों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज न्यायालयों तथा विशेष न्यायालयों के माध्यम से हजारों मामलों का निस्तारण किया गया।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में अकेले 1,05,048 वादों का निस्तारण हुआ। वर्चुअल न्यायालय के माध्यम से 1,40,000 मामलों का समाधान किया गया, जो डिजिटल न्याय व्यवस्था की सफलता को दर्शाता है। उपभोक्ता न्यायालय, स्थायी लोक अदालत तथा अतिरिक्त न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़े स्तर पर समाधान: 3,540 नोएडा और 874 यमुना आईडीए मामले, 97,606 राजस्व वाद निपटाए गए

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राष्ट्रीय लोक अदालत के अंतर्गत नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के 3,540 मामले तथा यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के 874 मामलों का समाधान हुआ। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालय, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी एवं तहसील स्तर से प्राप्त विवरण के अनुसार 97,606 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया।

इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से गौतमबुद्धनगर जनपद में लाखों वादों का त्वरित, सरल और आपसी सहमति से समाधान हुआ, जिससे आम नागरिकों को लंबे समय से चले आ रहे विवादों से राहत मिली और न्याय प्रणाली में विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ।

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