गाजियाबाद (शिखर समाचार)
भारतीय योग संस्थान के तत्वावधान में दिल्ली में महिला योग शक्ति दिवस तथा केंद्र की रजत जयंती का भव्य और यादगार आयोजन किया गया। इस अवसर पर योग, भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति का ऐसा अनुपम दृश्य सामने आया जिसने उपस्थित हजारों साधकों को भावविभोर कर दिया। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग चार हजार योग साधक एवं साधिकाओं ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रमों में भाग लेकर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
नारी शक्ति का मंचन: नाट्य, नृत्य और संवेदनाओं से सजी प्रेरणादायक प्रस्तुति
समारोह में फरीदाबाद की यामिनी टीम द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिका ने नारी के त्याग, साहस और सृजनात्मक शक्ति को प्रभावी ढंग से उजागर किया। वहीं गाजियाबाद की अलका बाटला टीम ने महिला शक्ति पर आधारित सशक्त नृत्य प्रस्तुति देकर मंच पर ऊर्जा का संचार कर दिया। गीत, कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से महिलाओं की भूमिका को समाज के आधार स्तंभ के रूप में दर्शाया गया, जिस पर दर्शकों ने करतल ध्वनि से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि भारतीय योग संस्थान को योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2025 का राष्ट्रीय योग पुरस्कार प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा संस्थान को देश की श्रेष्ठ योग संस्था के रूप में सम्मानित किया जाना योग जगत के लिए गौरव का विषय बताया गया। अखिल भारतीय प्रधान देशराज ने अपने संबोधन में महिलाओं से जुड़ी शारीरिक और मानसिक समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके कारण और योग द्वारा समाधान की विधियां समझाईं। उन्होंने दैनिक दिनचर्या में योग को अपनाकर रोगों से दूर रहते हुए स्वस्थ, संतुलित और आनंदपूर्ण जीवन जीने का मार्ग बताया।

इसी क्रम में गाजियाबाद के नेहरू नगर क्षेत्र में भी महिला शक्ति दिवस का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न योग केंद्रों की महिलाओं ने कविता, मधुर गीत और नृत्य के माध्यम से अपनी शक्ति और रचनात्मकता को प्रस्तुत किया। नृत्य प्रस्तुतियों में द्वापर युग, त्रेता युग और सतयुग की झलक को सुंदर और भावनात्मक रूप में मंच पर उकेरा गया। सभी कार्यक्रम दिल्ली प्रांत-दो के प्रधान योगेश शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुए।
मीडिया प्रभारी शालिनी दत्त ने जानकारी दी कि इस अवसर पर दिल्ली प्रांत-दो की संगठन मंत्री रेखा जोशी, बानी शर्मा, शिक्षिका अनन्या शर्मा, अधिवक्ता मयंक शर्मा, सुरेश गुप्ता, अधिवक्ता आदित्य शर्मा, सरोज सभरवाल, हेम अग्रवाल, रागिनी, सुधा, सीमा, रंजन सेंगर, सरला सागर, शिक्षा चौधरी, रेणुका शर्मा, शिवी शर्मा, पिंकी, पूनम, अंजू, ईशा, बीना और रंजीका सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अलका बाटला द्वारा किया गया, जबकि लगभग ढाई सौ साधिकाओं ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर महिला एकता और सामूहिक शक्ति का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त राजनगर सेक्टर-दो स्थित ओंकारेश्वर मंदिर प्रांगण में भी केंद्र की रजत जयंती के उपलक्ष्य में गीत और नृत्य सहित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री ललित गुप्ता ने योग में भोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भोजन ग्रहण करने की सही विधि और उससे प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी। उन्होंने आज्ञा चक्र पर ध्यान केंद्रित कराते हुए साधकों को गहन ध्यान का अनुभव कराया। योगेश शर्मा ने प्राणायाम का अभ्यास कराकर सभी को श्वास नियंत्रण के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में योग अधिकारियों, साधक साधिकाओं के साथ साथ बच्चों ने भी बढ़ चढ़कर सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाया।
