हमीरपुर (शिखर समाचार) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इस वर्ष को ‘शताब्दी वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान संघ ने अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने, राष्ट्रभक्ति की भावना को गहराई तक पहुंचाने और ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से जनआंदोलन खड़ा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी कड़ी में नगर स्थित रमेडी बस्ती की बजरंग शाखा के अखाड़ा मैदान में वार्षिक उत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।
राष्ट्रीय उन्नति की राह: आचार और आदर्श से स्वयंसेवक बनाएंगे समाज और राष्ट्र मजबूत
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सह-बौद्धिक प्रमुख इंद्रेश ने की। उन्होंने कहा कि प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने जो दिशा दिखाई थी, उसी पथ पर आगे बढ़कर भारत को परम वैभव तक पहुंचाना प्रत्येक स्वयंसेवक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि द्वितीय सरसंघचालक माधवराव सदाशिव राव गोलवलकर ने व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और समाज निर्माण से राष्ट्र निर्माण का जो सूत्र दिया, वही भारत को समृद्ध और शक्तिशाली बनाने का मार्ग है।
शताब्दी वर्ष में स्वयंसेवकों का संकल्प: स्वदेशी, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाएं
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इस अवसर पर उन्होंने स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन के सिद्धांतों को जीवन में उतारने का संकल्प लें। इसके अंतर्गत ‘स्व’ का आत्मबोध कराते हुए स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, मातृभाषा और भारतीय संस्कारों को अपनाने पर बल दिया गया। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण एवं जल बचाव को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की गई। इसके साथ ही परिवार को मजबूत करने हेतु ‘कुटुंब प्रबोधन’ और धर्म-संवर्धन के लिए ‘धर्म जागरण’ को भी प्रमुखता से आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के संचालन का दायित्व धर्म जागरण एवं सोशल मीडिया जिला संयोजक प्रमुख उमेश दीक्षित ने संभाला। उन्होंने अंत में सभी उपस्थित स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। वहीं, जिला शारीरिक प्रमुख उमाशंकर ने स्वयंसेवकों को शारीरिक प्रशिक्षण देकर अनुशासन और संगठन की भावना को सशक्त करने का संदेश दिया।
