मेरठ (शिखर समाचार) शासन की जनसुनवाई समन्वय शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के क्षेत्र में मेरठ परिक्षेत्र ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का डंका बजा दिया है। सितम्बर 2025 की मूल्यांकन रिपोर्ट में मेरठ रेंज ने लगातार सातवीं बार प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर रिकॉर्ड कायम कर दिया है।
मुख्यमंत्री जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों का त्वरित निस्तारण, मेरठ रेंज ने किया प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त
पुलिस उप महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने बताया कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई, आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर सितंबर माह में जो शिकायती पत्र प्राप्त हुए, उनका निस्तारण शासन की मंशा और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कराया गया। नतीजतन, मेरठ रेंज ने फिर से प्रदेश के सभी परिक्षेत्रों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
डीआईजी ने परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आईजीआरएस प्रणाली से मिलने वाली प्रत्येक शिकायत का निस्तारण न केवल तय समय में, बल्कि उच्च गुणवत्ता और निष्पक्षता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनना और उनका न्यायसंगत समाधान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
शिकायतों की जांच में अब होगी कड़ी निगरानी, अधिकारी मौके पर जाकर करेंगे फीडबैक
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उन्होंने सभी अधिकारियों को हिदायत दी कि प्रत्येक शिकायत की जांच अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर करें, केवल फोन या थाने से रिपोर्ट भेजना स्वीकार्य नहीं होगा। जांच रिपोर्ट अपलोड करने से पूर्व थाना प्रभारी स्वयं शिकायतकर्ता से फीडबैक प्राप्त कर रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज करें।थानों में बनाए गए शिकायत और फीडबैक रजिस्टर नियमित रूप से अद्यतन रखे जाएं।आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा हर पंद्रह दिन में नोडल अधिकारी द्वारा की जाए। जांच रिपोर्ट में घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति अनिवार्य रूप से अंकित की जाए।
डीआईजी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि जनता को समय पर राहत मिले। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समयबद्ध समाधान से जहां लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत होता है, वहीं अनावश्यक शिकायतों में भी कमी आती है। मेरठ रेंज की यह सातवीं लगातार उपलब्धि साबित करती है कि कानून-व्यवस्था और जनसुनवाई के मामलों में यह परिक्षेत्र न केवल प्रतिबद्ध है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए कार्यकुशलता और जवाबदेही का उदाहरण बन चुका है।
