हापुड़ (शिखर समाचार) लालकिले के पास जैन धार्मिक महापर्व के दौरान सोने के कलश चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी भूषण वर्मा और उसके साथियों अंकित पाटिल व गौरव कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर सोना पिघलाने और खरीदने वाले दो और व्यक्तियों को भी दबोचा गया। जांच के दौरान उनके कब्जे से एक कलश, लगभग 150 ग्राम पिघला हुआ सोना और दस हजार रुपये नगद बरामद किए गए।
15 अगस्त पार्क में हुई चोरी, दसलक्षण महापर्व के दौरान बढ़ी सुरक्षा के बावजूद वारदात
पुलिस के अनुसार यह चोरी 3 सितंबर को लालकिले के पास 15 अगस्त पार्क में हुई थी। यहां 28 अगस्त से जैन धर्म का दस दिवसीय महापर्व दसलक्षण चल रहा था, जो 9 सितंबर को समाप्त हुआ।
सूत्रों का कहना है कि मुख्य आरोपी भूषण वर्मा ने कीमती रत्नों से सजे तीन सोने के कलश चोरी कर फरार हो गया। क्राइम ब्रांच की टीम ने रविवार की रात हापुड़ में छापामारी कर भूषण वर्मा और उसके सहयोगियों गौरव व अंकित को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से एक कलश और 150 ग्राम पिघला सोना जब्त हुआ।
चोरी के सोने के कलश बेचने वाले सर्राफ समेत दो गिरफ्तार
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अन्य दो सोने के कलश स्थानीय सर्राफ को बेच दिए थे। इसके बाद पुलिस ने अंकित पाटिल (सोना पिघलाने वाला) और गौरव कुमार (सोना खरीदने वाला) को भी गिरफ्तार कर 150 ग्राम पिघला सोना और दस हजार रुपये नकद जब्त किए। पुलिस अब बाकी गिरोह के सदस्यों और बचे हुए सोने की बरामदगी के लिए अभियान चला रही है।
मंगलवार दोपहर को दिल्ली पुलिस आरोपी को लेकर हापुड़ के सर्राफा बाजार पहुंची, जिससे वहां हड़कंप मच गया। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी किए गए कलश को टुकड़ों में काटकर कई दुकानों में बेच दिया था। पुलिस ने आरोपी के साथ विभिन्न दुकानों का दौरा कर पहचान कराई और व्यापारियों से दस्तावेज व जानकारी जुटाई। करीब तीन घंटे तक पुलिस बाजार में विभिन्न दुकानों में गश्त करती रही, जिससे व्यापारियों में तनाव की स्थिति बनी।
