नोएडा (शिखर समाचार)
सेक्टर-145 की अस्थाई डंपिंग साइट को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। प्राधिकरण ने यहां जमा 5 लाख टन वेस्ट के निपटारे के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। खास बात यह है कि इस टेंडर दस्तावेज को IIT रूड़की से अप्रूवल मिल चुका है, यानी अब रास्ता साफ हो गया है। लक्ष्य तय किया गया है कि अगले 12 महीनों के भीतर पूरी जमीन को साफ कर रिक्लेम कर लिया जाएगा।
हर दिन 1200 टन नया कचरा पहुंच रहा
ड्रोन सर्वे में पता चला था कि साइट पर अभी भी करीब 3.53 लाख टन कचरा मौजूद है। वहीं प्रतिदिन करीब 1200 टन नया वेस्ट यहां पहुंच रहा है, जो आसपास के सेक्टर और गांवों से आता है। प्राधिकरण के मुताबिक फिलहाल यहां से कचरे को हटाना बेहद जरूरी है, तभी इस जमीन का सही इस्तेमाल हो पाएगा।
अल्फा थर्म ने 10 लाख टन कचरे का निपटारा किया
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वर्तमान में साइट पर अल्फा थर्म लिमिटेड कंपनी काम कर रही है। नवंबर 2022 में हुए एग्रीमेंट के बाद से कंपनी ने बायोरेमीडियेशन तकनीक से जून 2024 तक 10 लाख टन वेस्ट का निपटारा किया। इसके बावजूद साइट पर 3.53 लाख टन कचरा बचा है। इसमें से 1.50 लाख टन वेस्ट अल्फा थर्म साफ कर रही है, जबकि बाकी 2.03 लाख टन और रोजाना नया आने वाला वेस्ट टेंडर के जरिए चयनित कंपनी को निपटाना होगा।
बारिश से धीमा पड़ा काम, अब रफ्तार तेज होगी
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बारिश के चलते निपटारे की गति थम गई थी, क्योंकि गीले वेस्ट को प्रोसेस करने में एक सप्ताह तक का समय लगता है। इसके बावजूद अब तक करीब 69900 वर्गमीटर जमीन रिक्लेम की जा चुकी है। प्राधिकरण का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही काम तेजी से आगे बढ़ेगा।
12 महीने में शिफ्ट होगी साइट
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प्राधिकरण ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के अस्तौली में कचरे से टोरीफाइड चारकोल बनाने के लिए एनटीपीसी और बायो-सीएनजी के लिए एनवायरो रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ पहले ही एग्रीमेंट हो चुका है। अगले 12 महीनों में दोनों प्लांट चालू हो जाएंगे। इसके बाद नोएडा का कचरा सीधे वहीं प्रोसेस होगा, और सेक्टर-145 की अस्थाई साइट को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यह कदम न सिर्फ नोएडा को कचरे के संकट से राहत देगा, बल्कि हजारों वर्गमीटर जमीन को नए विकास कार्यों के लिए उपलब्ध भी कराएगा।
