ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। दनकौर कस्बे का प्राचीन और ऐतिहासिक श्रीकृष्ण द्रोण मेला शनिवार से आरंभ हो गया। गुरु द्रोणाचार्य मंदिर परिसर में हर वर्ष की भांति इस बार भी श्री द्रोण गऊ गौशाला समिति के तत्वावधान में 102वां भव्य आयोजन किया जा रहा है। जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर आयोजित मेले का शुभारंभ एसीपी अरविंद सिंह और दनकौर कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इससे पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि दीपक सिंह ने जन्माष्टमी पर्व कार्यक्रम की शुरुआत की थी।
धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक रंगों का संगम, मेले में भजन संध्या से लेकर रामकथा तक का शानदार मंचन
मेला प्रबंधक रजनीकांत अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं का भी संगम है। मेले की शुरुआत भजन संध्या और पारसी थियेटर के मंचन से हुई। आने वाले दिनों में महिला कबड्डी, पारंपरिक दंगल और ऐतिहासिक नाटकों का मंचन दर्शकों का मुख्य आकर्षण बनेगा। रविवार और सोमवार को नाट्य मंच पर रामनाम नहीं राम का मंगल है नामक रामकथा का वाचन प्राचार्य डॉ. गिरीश कुमार वत्स करेंगे, जिसमें रामदरबार की विशेष झांकी भी प्रस्तुत की जाएगी।
मेले के दौरान खेलकूद गतिविधियां भी बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर खींचेंगी। तीन दिवसीय दंगल में देशभर के नामचीन पहलवान अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों का कहना है कि इस बार महिला कबड्डी प्रतियोगिता खास आकर्षण रहेगी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। वहीं नाट्य मंच पर सम्राट अशोक और वीर हकीकत राय जैसे ऐतिहासिक पात्रों पर आधारित नाटक स्थानीय व बाहरी कलाकार प्रस्तुत करेंगे।
शताब्दी से अधिक पुराना द्रोण मेला: रंगारंग कार्यक्रमों और आकर्षणों के साथ उमड़ेगा एक लाख से ज्यादा मेहमान
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कोषाध्यक्ष मनीष अग्रवाल और मेला संचालक सोनू वर्मा ने बताया कि द्रोण मेला एक शताब्दी से भी अधिक पुराना है और इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रशासन ने इसके अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया है। मेले में बच्चों और महिलाओं के मनोरंजन के लिए झूले, मीना बाजार, मिठाइयों व नानखटाई के स्टॉल, हलवाइयों का विशेष खाना और नमकीन के ठेले लगाए गए हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार एक लाख से अधिक लोगों की भीड़ मेला परिसर में उमड़ेगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी प्रशासन की ओर से किए गए हैं। एसीपी अरविंद सिंह ने स्पष्ट कहा कि मेले की सुरक्षा को लेकर चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और यदि किसी भी असामाजिक तत्व ने शांति भंग करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

12 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन का समापन 27 अगस्त को होगा, जब रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रागनियों की गूंज के साथ मेला अंतिम पड़ाव पर पहुंचेगा। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक धरोहर और जनसंपर्क का यह अनूठा संगम हर बार की तरह इस बार भी दनकौर की पहचान को और सशक्त बनाएगा।
