Government School: सैलरी से सजाया, बच्चों की सुविधा के लिए शिक्षिका बनी मिसाल

Rashtriya Shikhar
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Decorated a government school. IMAGE CREDIT TO REPORTER

हापुड़ (शिखर समाचार) समर्पण और लगन अगर सच्चे हों, तो सीमित साधन भी बदलाव की कहानी लिख सकते हैं। हापुड़ जिले के सिम्भावली ब्लॉक के गांव न्याजपुर खैय्या स्थित कंपोजिट विद्यालय में तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापिका चारू शर्मा ने बच्चों की पढ़ाई और सुविधा के लिए जो कदम उठाए, वह प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। विद्यालय की स्थिति सुधारने और बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए उन्होंने किसी सरकारी सहायता का इंतजार नहीं किया, बल्कि अपनी मेहनत की कमाई से ही मयूरी वाहन, एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी कैमरे, वाटर कूलर और अन्य जरूरी उपकरण खरीदकर स्कूल को नई पहचान दी।

अपनी सैलरी से मयूरी वाहन और डिजिटल सुविधाएं जुटाकर चारू शर्मा ने बदली स्कूल की तस्वीर

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चारू शर्मा बताती हैं कि जब उन्होंने यहां कार्यभार संभाला, तब विद्यालय की हालत कमजोर थी और दूर-दराज़ के इलाके के कारण बच्चों को आने-जाने में दिक्कत होती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने अपनी सैलरी से मयूरी वाहन खरीदा, जो प्रतिदिन बच्चों को उनके घर से लाकर स्कूल छोड़ता है, जिससे बच्चों की उपस्थिति में बड़ा बदलाव आया। इतना ही नहीं, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अपनी आय से एलईडी स्क्रीन, पानी की टंकी, वाटर कूलर और सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और आधुनिक माहौल में पढ़ाई का अवसर मिल सके।

आकर्षक माहौल से ही बढ़ेगी पढ़ाई की चाह”: चारू शर्मा का संकल्प

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उनका मानना है कि अगर विद्यालय का माहौल आकर्षक और सुविधाजनक होगा तो बच्चे खुद पढ़ाई की ओर खिंचे चले आएंगे। चारू शर्मा का लक्ष्य है कि उनके विद्यालय का शिक्षा स्तर इतना ऊंचा हो कि यहां से निकलने वाले छात्र न केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट हों, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ें और गांव का नाम रोशन करें।

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