गढ़मुक्तेश्वर (शिखर समाचार)। गढ़ नगर में आयोजित श्री रामलीला मंचन के अंतिम दिन भगवान श्रीराम के १४ वर्ष के कठिन वनवास से अयोध्या लौटने, भ्रातृ-प्रेम से भरे भावुक भरत मिलाप और तत्पश्चात अयोध्या में रामराज्य की स्थापना के पावन प्रसंगों का अत्यंत सजीव और मनमोहक मंचन किया गया। जैसे ही मंच पर प्रभु श्रीराम के भव्य राजतिलक का दृश्य साकार हुआ, संपूर्ण पंडाल जय श्रीराम के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा और भरत मिलाप का दृश्य देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
भव्य राजतिलक और भरत मिलाप के मंचन ने मोहा मन
श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष धनवंत जैन, कार्यकारी अध्यक्ष विष्णुदत्त नागर, पूर्व अध्यक्ष रूपेश पंडित, कोषाध्यक्ष अमित राय गौतम और महामंत्री नितिन जैन, संजीव शर्मा, जीत चौधरी आदि पदाधिकारियों एवं गणमान्य लोगों की गरिमामयी मौजूदगी में यह भव्य कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राजतिलक की रस्म के उपरांत समिति के अध्यक्ष धनवंत जैन ने कहा कि सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, स्थानीय नागरिकों और मीडिया कर्मियों के अप्रतिम सहयोग से ही इस वर्ष रामलीला का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से संपन्न हो सका है, जिसकी पूरे नगरवासियों और अतिथियों ने खुले मन से सराहना की।
अतिथियों का सम्मान और आतिशबाजी के साथ रामलीला महोत्सव का समापन
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आयोजन के समापन अवसर पर पधारे विशेष अतिथियों, सम्मानित नागरिकों और पत्रकार बंधुओं को पटका व स्मृति चिह्न भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में हुई गगनचुंबी आतिशबाजी ने पूरे आसमान को सतरंगी रोशनी से सराबोर कर आयोजन की शोभा में चार चांद लगा दिए। गढ़ नगर के साथ-साथ समीपवर्ती क्षेत्रों बृजघाट, बक्सर और लुहारी आदि स्थानों पर भी प्रभु श्रीराम के राजतिलक और महाआरती के साथ वार्षिक श्री रामलीला महोत्सव का धूमधाम से समापन हुआ।
